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2016 में जेएनयू जाकर समर्थन देने वाले राहुल की कन्हैया कुमार पर चार्जशीट पर चुप्पी  

 NewDelhi : राहुल गांधी जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ देहद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किये जाने को लेकर चुप है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा इसलिए चल पड़ी है क्योंकि साल 2016 में कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे छात्रों से मिलने राहुल गांधी जेएनयू पहुंच गये थे.   कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय देखे जाते है. पर इस मामले में चुप हैं.   जान लें कि राहुल गांधी ने मंगलवार 15 जनवरी को ट्वीट कर पोंगल त्योहार की बधाई भी दी.  साथ ही ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले प्रथम फिलिप कोटलर अवॉर्ड को लेकर ताना भी मारा. बता दें कि राहुल ने ट्वीट में लिखा कि मैं प्रधानमंत्री को विश्व प्रसिद्ध कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड से सम्मानित किये जाने पर बधाई देता हूं! वास्तव में यह पुरस्कार इतना प्रसिद्ध है कि इसकी कोई ज्यूरी नहीं है, पहले किसी को दिया नहीं गया है और अलीगढ़ की एक गुमनाम कंपनी द्वारा समर्थित है.  इसके इवेंट साझेदार पतंजलि और रिपब्लिक टीवी हैं.

चार्जशीट दाखिल किया जाना राजनीति से प्रेरित : कन्हैया

कन्हैया कुमार ने दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किये जाने पर इसे राजनीति से प्रेरित बताया है.   कन्हैया द्वारा चार्जशीट दाखिल किये जाने के समय पर सवाल उठाया गया है.  बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार के खिलाफ दायर चार्जशीट में दावा किया है कि देहद्रोह की घटना को अंजाम दिये जाने की योजना बनाई जा रही थी. दिल्ली पुलिस का दावा है कि पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के बीच भेजे गये ईमेल्स और खालिद और तीन कश्मीरी छात्रों के बीच कथित बातचीत साक्ष्यों में शामिल है और यह द्रेशद्रोह का मामला मजबूत करता है.  पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि इससे साबित होता है कि छात्र संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिये जाने की याद में देशद्रोह की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.

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