
New delhi : दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग सर्विस व्हाट्सएप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी से यूजर्स परेशान हैं. आज विश्व में व्हाट्सएप के यूजर की संख्या 200 करोड़ को भी पार कर गयी है. इसके यूजर्स अब मैसेजिंग के लिए अन्य ऑप्शन तलाश कर रहे हैं जहां उनकी निजता और डेटा सुरक्षित रह सके.
वॉट्सएप के नए नियम और शर्तों से यूजर्स के बीच एक डर का माहौल भी देखा जा रहा है. इस बीच, खबर आई कि सिग्नल मैसेंजर को दुनियाभर में लोग पसंद कर रहे हैं. पिछले दो दिन से यूजर्स की संख्या बढ़ने से सिग्नल मैसेंजर पर वैरीफिकेशन कोड लेट आ रहे हैं. इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने यूजर्स को जुड़ने के लिए एक गाइडलाइन जारी की, जो दूसरे मैसेंजर ऐप से सिग्नल पर मूव करने के स्टेप्स बता रही थी.
व्हाट्सअएप की नयी पॉलिसी में मनमानी की झलक
दरअसल, वॉट्सएप की ओर से बुधवार को यूजर्स को पॉप-अप मैसेज भेजे गए. इसमें यूजर्स को नियम और शर्तों के साथ नयी प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में बताया गया. नए नियम 8 फरवरी से लागू होंगे. मैसेज में बताया जा रहा है कि किस तरह से आपका डेटा यूज करेगा. वॉट्सएप यूज करने के लिए इन नियम और शर्तों को एक्सेप्ट करना होगा. इसे एक्सेप्ट नहीं करने पर यूजर्स का अकाउंट डिलीट कर दिया जाएगा.
वॉट्सएप अब बिजनेस अकाउंट पर भी नजर रखेगा। इनसे शेयर होने वाले सारे कैटलॉग का एक्सेस उसके पास होगा। वॉट्सएप ने पहली बार कहा है कि वह आपके हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का डेटा लेगा. यानी बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान आदि ट्रैक होगी. यही नहीं, फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे.
सिग्नल पर्सनल डेटा नहीं मांगता है. यह सिर्फ फोन नंबर स्टोर करता है
इस संबंध में टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन एलोन मस्क ने गुरुवार को नए यूजर्स को सिग्नल से जुड़ने की अपील की. टेक जगत में बड़े लंबे टाइम से सिग्नल की काफ़ी इज़्ज़त रही है. वजह है इसकी प्राइवेसी पॉलिसी. और वॉट्सऐप की नई पॉलिसी के बाद से तो सिग्नल को लोग पसंद कर रहे हैं. ये ऐसा कोई भी डेटा नहीं लेता जो अपसे लिंक करे. ले दे के बस आपका मोबाइल नंबर लेता है जिससे आपका अकाउंट बनता है और उसे भी ये आपकी आइडेंटिटी से नहीं जोड़ता.
सिग्नल ने दिसंबर 2020 में अपने लेटेस्ट वर्जन्स के साथ ग्रुप कॉल लॉन्च किया है और एन्क्रिप्टेड दिया है. सिग्नल पर्सनल डेटा के तौर पर सिर्फ आपका फोन नंबर स्टोर करता है और ऐप इसे आपकी पहचान से जोड़ने की कोई कोशिश नहीं करता है. जबकि टेलीग्राम आपसे पर्सनल इनफॉर्मेशन के तौर पर कॉन्टैक्ट इंफो, कॉन्टैक्ट्स और यूजर ID मांगता है.
सिग्नल ने नए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की
गुरुवार को सिग्नल ने ट्वीट किया कि कई प्रोवाइडर्स के पास वैरीफिकेशन कोड लेट आए क्योंकि नए लोग मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे. कंपनी ने एक गाइडलाइन भी शेयर की है जो यूजर्स को अन्य मैसेंजर ऐप से सिग्नल जॉइन करने के बारे में बताती है. सिग्नल ने गाइडलाइन में अन्य मैसेंजर ऐप के संबंध में वॉट्सएप का नाम नहीं लिया. हालांकि, वॉट्सऐप की नई पॉलिसी और कस्टमर के बीच परेशानी को देखते हुए सिग्नल की गाइडलाइन और ट्वीट तस्वीर को काफी हद तक साफ करते हैं.
दो ऐप्स के बीच अपनी चैट ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे
सिग्नल की नई गाइडलाइन में सिर्फ एक मैसेंजर ऐप से दूसरे मैसेंजर पर कस्टमर को मूव करना बताया गया. यहां ध्यान देना होगा कि आप दो ऐप्स के बीच अपनी चैट को ट्रांस्फर नहीं कर सकते हैं. दरअसल, सिग्नल ने ट्वीट किया है कि बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि अन्य ऐप से अपने ग्रुप चैट को कैसे ट्रांसफर किया जाए. सिग्नल ग्रुप लिंक शुरू करने के लिए एक शानदार हैं. यह वैसा ही है, जैसे आप माइक को बाहर जाने पर छोड़ रहे हैं.
Telegram: वॉट्सऐप, फ़ेसबुक मैसेंजर और हाइक के मुकाबले टेलीग्राम बहुत कम जानकारी लेता है. यह सिर्फ चार चीज़ों को आपसे लिंक करता है:
Name
Phone Number
Contacts
User ID




