
Ranchi: झारखंड राज्य के नगर निकाय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी टैक्स को सर्किल रेट से टैग करने का निर्णय लिया गया है. इसका मतलब अब जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किये जाने वाले जमीन के सर्किल रेट के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स देय होगा. कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसके लिए झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है. अब तक राज्य में सड़कों को आधार मान कर प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारित होता था. इस संशोधन के बाद अब हर पांच साल में प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि करने का प्रावधान बदलकर दो साल किया गया है.
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नगर निकायों द्वारा मुख्य सड़क और अन्य सड़क के पास स्थित संपत्ति की दर निर्धारित कर टैक्स वसूली की जाती थी. इसके तहत कच्चे और पक्के निर्माण के लिए एक ही दर निर्धारित होती थी. झुग्गी-झोपड़ी और पक्का मकान, दोनों के लिए टैक्स की दर बराबर रखी गयी थी. अब आवासीय और गैर आवासीय निर्माण के लिए सर्किल रेट के आधार पर अलग-अलग दर तय की जायेगी. साथ ही राजनीतिक हस्तक्षेप भी स्वत: समाप्त हो जाएगा. गौरतलब है कि राज्य में 2016 में लागू संपत्ति कर नियमावली में अब तक संशोधन नहीं हुआ है. इससे प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बढ़ातरी नहीं हो पाई है.
नये प्रावधान के मुताबिक, आवासीय निर्माण के लिए सर्किल रेट का 0.075 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में देय होगा. वहीं, गैर आवासीय प्रॉपर्टी के लिए 0.15 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा. यानी, एक हजार रुपये प्रति वर्गफीट के सर्किल रेट वाले क्षेत्र में एक हजार वर्गफीट पर किये गये निर्माण का सर्किल रेट 10 लाख रुपये हुआ. 10 लाख रुपये का 0.075 प्रतिशत यानी 750 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में देय होगा. जबकि, इसी जगह पर किये गये गैर आवासीय संपत्ति के लिए 0.15 प्रतिशत यानी 1500 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स लगेगा.
इस तरह समझें टैक्स का गणित
अभी रांची नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स सबसे ज्यादा है. यहां आरसीसी रूफ के एक वर्गफीट का रेंटर वैल्यू प्रति माह 12 रुपए है, यानी साल में 144 रुपए. अगर मकान 1000 वर्गफीट का है तो रेंटल वैल्यू 1,44,000 रुपए हो जाता है. आवासीय मकान का दो प्रतिशत टैक्स लगता है, यानी 2880 रुपए. होटल, बार, हेल्थ क्ल्ब पर तीन गुणा टैक्स लगता है. 250 वर्गफीट से कम क्षेत्रफल की दुकानों पर आवासीय से डेढ़ गुणा और इससे बड़ी दुकानों पर ढाई गुणा रेंटल वैल्यू हो जाता है.
सर्किल रेट पर टैक्स लेने वाला दूसरा राज्य बना झारखंड
झारखंड प्रॉपर्टी टैक्स को सर्किल रेट से जोड़ कर रिफॉर्म लागू करनेवाला देश का दूसरा राज्य बन गया है. 15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर यह रिफॉर्म किया गया है. जानकार बताते हैं कि वर्तमान नियम की तुलना में नये प्रावधान से प्रॉपर्टी टैक्स में बहुत ज्यादा वृद्धि नहीं होगी. मुख्य सड़क पर स्थित स्लम एरिया में प्रॉपर्टी टैक्स वर्तमान की तुलना में कम हो जायेगा. हालांकि, मुख्य सड़क को छोड़ कर अन्य सड़कों पर किये गये बड़े निर्माण पर टैक्स की दर वर्तमान में से थोड़ी ज्यादा निर्धारित हो सकती है. लेकिन, वह भी बहुत ज्यादा नहीं होगी.




