
Ranchi: पलामू, गढ़वा और लातेहार में अवैध माइनिंग से संबंधित मामले को लेकर पंकज कुमार यादव की जनहित याचिका की सुनवाई बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में प्रधान महालेखाकार, झारखंड को मामले में की गई जांच की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक और मौका दिया है. कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक प्रधान महालेखाकार का जांच रिपोर्ट कोर्ट में नहीं आ सका था. मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी. पूर्व में कोर्ट ने इस मामले में प्रधान महालेखाकार को प्रतिवादी बनाया था. पूर्व में ही इस मामले में गठित 3 सदस्य के कमेटी की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जा चुकी है. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पैरवी की.
दरअसल, यह मामला एक संचालक से माइनिंग चलाने के लिए माइनिंग विभाग के अधिकारी द्वारा 20 लाख रुपए की मांग से जुड़ा है. इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर रैंक के एक अधिकारी की भूमिका बताई गई है, लेकिन उनके खिलाफ जो जांच हुई उसे बाद में जांच को बंद कर दिया गया था. प्रार्थी का कहना था पलामू सहित कुछ जिलों में अवैध माइनिंग में अरबों का पैसों का खेल चलता है. इसकी रोकथाम होनी चाहिए. सरकार के जो अधिकारी इस अवैध माइनिंग में संलिप्त हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.




