
Ranchi: झारखण्ड किसान महासभा (जय झारखण्ड अभियान) के संयुक्त तत्वावधान में “किसान बचाओ यात्रा” के तहत अनगड़ा प्रखंड (रांची) के सिरका पंचायत के रामदगा में रविवार को किसान पंचायत लगाई गई. इसमें महासभा ने सरकार से धान की खरीद के बकाये राशि का भुगतान 10 दिनों के अंदर करने की मांग सरकार से की. महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने कहा कि वर्तमान में जो किसानों की दुर्दशा है, झारखण्ड में उसे देखते हुए अब सरकार के तरफ से कोई राहत की उम्मीद नहीं दिख रही.लगातार ज्ञापनों और औपचारिक तरीक़े से कृषि विभाग के अधिकारी और मंत्री स्तर तक किसानों की व्यथा पहुचाई गई परंतु यह सिस्टम बिल्कुल अंधा और बहरा हो गया है. ऐसे में अब झारखण्ड में किसानों को अब खेतों से निकल कर सड़क पर आने की जरूरत महसूस हो रही है. इसीलिए झारखण्ड के पांच जिले रांची, बोकारो, हज़ारीबाग, रामगढ़ तथा गिरिडीह के 50 पंचायतों में किसान बचाओ यात्रा पहुंचेगी. किसान पंचायत लगाया जाएगा.

पंचायत में उपस्थित प्रगतिशील किसान विनय महतो ने बताया कि झारखण्ड का कृषि विभाग सम्पूर्ण रूप से घोटाले में आकंठ में डूबा हुआ है. हर तीन महीने में कृषि निदेशालय के निदेशक बदल दिए जा रहे हैं. वर्तमान कृषि निदेशक को न तो यहां के किसानों से कोई लेना देना है और ना ही विभाग के पास कोई रोड मैप है. “किसान बचाओ यात्रा” झारखण्ड के हर पंचायत में पहुंचेगी और यह शुरुआत बोकारो जिले के झुमरा पहाड़ की चोटी से शुरू की जा चुकी है. पंचायत में मुख्य रूप से धान की एमएसपी को बढ़ा कर 25 रुपए करने, खरीदारी नकद करने, नवंबर के अंतिम सप्ताह से धान क्रय शुरू करने तथा पिछले वर्ष धान की खरीद का 165 करोड़ से ऊपर का बकाए का जो भुगतान किया जाना है, उसे 10 दिनों के अंदर किसानों के खाते में करने की मांग प्रमुख है. ग़ैरमजरुआ जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा भी प्रमुख है.

पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील महतो ने किसानों को उनके हक अधिकार और संवैधानिक शक्तियों के बारे में विस्तार से बताय. संजय महतो ने किसानों को आह्वान करते हुए कहा कि किसानों को अब याचक बन के नहीं रहना चाहिए बल्कि अपने अधिकारों के लिए एकजूट होकर आंदोलन करने की जरूरत है . पंचायत में सिरका पंचायत के गेतलसूद,महेशपुर,रामदगा , गांधीग्राम तथा अन्य गांव से सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए.




