न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राष्ट्रपति से मिली नये विधेयक को मंजूरी, बैंकों को चूना लगाकर अब नहीं हो पायेगा कोई फरार

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक को मंजूरी दे दी है.

329

Delhi: भारत के सरकारी बैंकों का पैसा लेकर विदेश भाग जाना मोदी सरकार के चार साल में एक तरह से फैशन बन गया. भगोड़ों ने आर्थिक धोखाधड़ी कर देश का करीब 40 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया है. शराब कारोबारी विजय माल्या, हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी ऐसे कई नाम है जो बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाकर फरार हो  गये हैं. लेकिन अब भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगेगी. क्योंकि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक को मंजूरी दे दी है.

mi banner add

इसे भी पढ़ें- पांच साल में झारखंड से गायब हुए 2789 बच्चे, लगभग आधे का नहीं मिल सका सुराग

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक

राष्ट्रपति द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक को मंजूरी दे दी गई है. इस कानून के लागू हो जाने का बाद विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसै भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगेगी और वह कानूनी प्रक्रिया से नहीं बच सकेंगे. 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक मूल्य के चुनिंदा आर्थिक अपराधों में शामिल होने वाले और जिसके खिलाफ से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो. वह आपराधिक अभियोजन से बचने को देश से बाहर चला गया हो. ऐसे व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी कहा जाता है.

इस नए कानून से विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे, बड़े आर्थिक अपराधों में शामिल लोगों को देश से भागने और कानून से बचने से रोका जा सकेगा. माल्या और मोदी की आर्थिक अपराधों में तलाश है. दोनों ही देश छोड़कर जा चुके हैं. दोनों के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है.

इसे भी पढ़ें- RMC ने 10 हजार से अधिक की आबादी को मच्छरदानी में कर रखा है कैद

संपत्ति जब्त करने का प्रावधान

इस नये कानून में प्राधिकृत विशेष अदालत को किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने का अधिकार है. उसकी बेनामी तथा अन्य संपत्तियों को जब्त करने का भी अधिकार होगा. यह कानून कहता है, ‘जब्ती आदेश की तारीख से जब्त की गई सभी संपत्तियों का अधिकार केंद्र सरकार के पास रहेगा.

25 जुलाई 2018 को राज्यसभा में यह विधेयक पारित हुआ था. जबकि लोकसभा ने 19 जुलाई को मंजूरी दी थी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: