
Nikhil Kumar
Ranchi: राज्य सरकार ने झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) के दिन राज्य के पुलिस पदाधिकारियों, कर्मचारियों को झारखंड राज्यपाल पदक, झारखंड पुलिस पदक व झारखंड मुख्यमंत्री पदक देने के प्रक्रियाओं में संशोधन किया है. अब राज्य में गृह सचिव झारखंड की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी इन पदकों को देने के प्रस्ताव पर विचार कर अनुशंसा करेंगे. इनमें डीजीपी झारखंड व महानिदेशक, एडीजे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सदस्य बनाया गया है. पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्क्रीनिंग कमेटी गठित थी जिसमें गृह सचिव व डीजीपी झारखंड सदस्य थे. इसे अब समाप्त कर गृह सचिव की अध्यक्षता में समिति बनायी गयी है. राज्य सरकार ने इसके अलावा एक और संशोधन किया है. वर्तमान में तीनों पदकों के लिए अवधि गत वर्ष के पहली नवंबर से पुरस्कृत किये जाने वाले वर्ष के 31 अक्टूबर तक थी. अब गत वर्ष के पहली नवंबर से 31 अक्टूबर तक अवधि को रखा गया है, लेकिन विशेष परिस्थिति में वीरता के लिए झारखंड मुख्यमंत्री पदक संबंधी ऐसे प्रस्तावों पर भी समिति विचार कर सकेगी जिसमें घटित होने वाली अवधि एक वर्ष से ज्यादा हो चुकी हो, परंतु कुल अवधि तीन वर्ष से अधिक न हुआ हो.
हालांकि, इस तरह के प्रस्ताव पर डीजीपी को विलंब के कारणों को पूरी व्याख्या के साथ बताना होगा ओर इसकी स्पष्ट अनुशंसा करना होगा. जिस पर समिति विचार कर निर्णय लेगी. मंत्रिपरिषद ने इस संंबंध में छह सितंबर को ही फैसला लिया था जिसके बाद अब अधिसूचना जारी कर दी गयी है.
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