
NewDelhi : चुनावी रणनीतिकार से जदयू में शामिल होकर नेता बने 41 वर्षीय प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच के फर्क को रेखांकित किया है. बता दें कि प्रशांत ने इस संबंध में दिये गये एक इंटरव्यू में कहा कि पीएम मोदी जांबाज और जोखिम उठाने वालों में से हैं, जबकि राहुल स्टेटस क्वॉइस्ट यानी यथास्थितिवाद में यकीन रखने वाले हैं. यह बात उन्होंने 14 अक्टूबर को दिल्ली में कहीं. जान लें कि राजनीति में आने के बाद वह पहली बार मीडिया को इंटरव्यू दे रहे थे. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार बरखा दत्त ने यौन शोषण के आरोपों में फंसे एमजे अकबर को लेकर सवाल पूछा तो प्रशांत किशोर ने कहा, मैं सरकार की ओर से कुछ नहीं कहूंगा. अभी हाल ही में प्रशांत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हुए हैं.
इसे भी पढ़ें – धू…धू…कर जल रहा था रावण, पटाखों के शोर के बीच ट्रेन की चपेट में आये 61 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल
प्रशांत किशोर पीएम मोदी और राहुल के साथ काम कर चुके हैं
प्रशांत किशोर पीएम मोदी और राहुल के साथ काम कर चुके हैं. दिलचस्प बात यह कि वे भाजपा वालों से मुलाकात करते हैं, उसी समय कांग्रेसियों से भी मिलते हैं. वह भी ऐसे समय में जब मोदी-राहुल का दौर है और दोनों ही पार्टियों के बीच निजी खुन्नस देखने को मिल रही है? इस संबंध में किशोर का कहना था कि मुझे नहीं लगता है कि वे एक-दूसरे के दुश्मन हैं. जहां तक मैं समझता हूं कि अगर आप से कहा जाता है कि आप आकर अपने आइडिया शेयर करें, तो आप मना नहीं कर सकते. कहा कि 2014 के बाद मैं मोदी जी के साथ काम कर रहा था.
उस वक्त मेरी मां की तबीयत खराब थी. भाजपा नेतृत्व के साथ तब मेरी कोई बात नहीं हो रही थी, पर अचानक से मुझे उनका फोन आया. ऐसी स्थिति में आप ना नहीं कर सकते . आपको हां करनी पड़ती है.




