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एमजे अकबर की मुसीबत बढ़ी, पत्रकार रमानी के समर्थन में 20 महिला पत्रकार, देंगी गवाही

 NewDelhi : केंद्रीय राज्यमंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के मामले में फंसते चले जा रहे हैं. खबरों के अनुसार यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी को बड़ी संख़्या में महिला पत्रकारों का साथ मिल रहा है. द एशियन एज अखबार में काम कर चुकीं 20 महिला पत्रकार रमानी के समथर्न में उतर गयी हैं.  बता दें कि एमजे अकबर द्वारा प्रिया रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने के बाद  इन महिला पत्रकारों ने   संयुक्त बयान जारी कर रमानी का समर्थन करने की बात कही है.  सभी ने अदालत से आग्रह किया है कि अकबर के खिलाफ उनकी बात सुनी जाये. इन पत्रकारों ने दावा किया कि अकबर ने उनमें से कुछ का यौन उत्पीड़न किया है. पत्रकारों ने अपने हस्ताक्षर वाले संयुक्त बयान में कहा है कि रमानी अकेली नहीं है. हम उनके साथ हैं. इन पत्रकारों ने मानहानि के मामले में सुनवाई कर रही अदालत से आग्रह किया है कि याचिकाकर्ता अकबर के हाथों हममें से कुछ के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में और भी अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं की गवाही पर विचार किया जाना चाहिए, जो इस उत्पीड़न की गवाह थीं.

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राजनीतिक षडयंत्र बताते हुए खारिज किया जाना दु:खद

एमजे अकबर द्वारा आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजने के कुछ घंटे बाद ही रमानी ने एक बयान जारी कर कहा, सत्य और पूर्ण सत्य ही उनका इसके खिलाफ एकमात्र डिफेंस है. मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि केंद्रीय मंत्री ने कई महिलाओं द्वारा लगाये गये आरोपों को राजनीतिक षडयंत्र बताते हुए खारिज कर दिया. कहा कि मेरे खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला बनाकर अकबर ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है.  अपने खिलाफ कई महिलाओं द्वारा लगाये गये गंभीर अपराधों पर सफाई देने की बजाय वह उऩ्हें धमकाकर, प्रताड़ित कर चुप कराने की कोशिश करने में लगे हुए हैं. बता दें कि बयान पर दस्तखत करने वालों में कनीजा गजारी, मालविका बनर्जी, एटी जयंती, हामिदा पार्कर, जोनाली बुरागोहैन, मीनल बघेल, मनीषा पांडेय, तुषिता पटेल, कणिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार बादाम,  होइहनु हौजेल, आयशा खान, कुशलरानी गुलाब, मीनाक्षी कुमार, सुजाता दत्ता सचदेवा, रेशमी चक्रवाती, किरण मनराल और संजरी चटर्जी शामिल हैं.

एम जे अकबर 1989 में राजनीति में आने से पूर्व मीडिया में एक बड़ी हस्ती थे. बता दें कि दैनिक अखबार द टेलीग्राफ और पत्रिका संडे के संस्थापक संपादक रहे उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बने थे.  साथ ही अकबर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए.  भाजपा ने अकबर को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बनाया.  अकबर को जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री बनाया गया.

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