
New Delhi: एशियाई खेल और एशियाई चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता अमित पंघाल और विश्व चैंपियनशिप 2017 के कांस्य पदक विजेता गौरव बिधूड़ी को मंगलवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने अर्जुन पुरस्कार के लिये नामित किया.
डोप टेस्ट पॉजीटिव आने के कारण पिछली बार नाम पर नहीं हुआ विचार
अमित ने जकार्ता में एशियाई खेलों में 49 किग्रा में उज्बेकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन हसनबाय दुसमातोव को हराकर सोने का तमगा जीता था. पिछले साल भी अर्जुन पुरस्कार के लिये अमित के नाम की सिफारिश की गयी थी.
अमित के नाम पर हालांकि विचार नहीं किया गया था, क्योंकि वह 2012 में डोप परीक्षण में नाकाम रहे थे. इसके लिये उन पर एक साल का प्रतिबंध भी लगा था.
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने यहां सम्मान समारोह के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘हम फिर से अमित के नाम भेज रहे हैं और हमें पूरा विश्वास है कि इस बार उनके नाम पर विचार किया जाएगा.’’
फिलहाल 52 किग्रा में भाग ले रहे अमित पंघाल ने कहा कि उनके परीक्षण में जो एनाबोलिक स्टेरायड पाया गया था वह उन्होंने चेचक के उपचार के लिये दुर्घटनावश लिया था.
पंघाल को सम्मान की उम्मीद
पुरस्कार चयन समिति ने परीक्षण पॉजीटिव पाये जाने के कारण उनके नाम पर विचार नहीं किया था. अब यह देखना होगा कि उनके नाम पर विचार किया जाता है या नहीं.
क्योंकि सेना के इस मुक्केबाज ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और हाल में एशियाई चैंपियनशिप में 52 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतना भी शामिल है.
पंघाल ने कहा, ‘‘देखते हैं कि अब क्या होता है. मुझे उम्मीद है कि इस बार मेरे नाम पर विचार किया जाएगा. ’’
इसी तरह से बिधूड़ी का नाम भी दोबारा भेजा गया है. हाल में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले बिधूड़ी हैम्बर्ग में 2017 विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय थे.
विश्व चैंपियनशिप की पूर्व रजत पदक विजेता सोनिया लाठेर और राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व कांस्य पदक विजेता पिंकी रानी भी दावेदार थे. लेकिन बीएफआई ने उनके नाम की सिफारिश नहीं की.
महिलाओं की सहायक कोच संध्या गुरूंग और महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच शिव सिंह का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये भेजा गया है.




