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साल के अंतिम दिन राजकोट में पीएम मोदी ने रखी एम्स की आधारशिला, कहा- दवाई भी कड़ाई भी

New Delhi: नये साल के पहले आज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने गुजरात को एक और सौगात दी है. पीएम ने राजकोट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखी. पीएम मोदी ने इस दौरान कोरोना काल में देश के कोरोना वॉरियर्स को भी नमन किया. इसके साथ ही पीएम ने देश के लोगों को कोरोना के खतरे को देखते हुए दवाई के साथ ही कड़ाई बरतने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि भारत में बनी वैक्‍सीन हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए कोशिशें अंतिम चरण में हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इस कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मौजूद रहे.

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वैक्‍सीन लेने के बाद भी बरतनी होगी सावधानी

पीएम मोदी ने कहा कि हम दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने के लिए तैयारी कर रहे हैं. मुझे विश्‍वास है कि टीकाकरण को सफल बनाने के लिए पूरा भारत एकजुटता से आगे बढ़ेगा. पीएम ने कहा कि हमें ये समझना होगा कि टिकाकारण के बाद भी हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है.

चुनौतियों से भरा रहा यह साल

पीएम ने कहा कि यह साल पूरी दुनिया के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की चुनौतियों से भरा रहा है. उन्होंने कहा कि इस साल ने हमें ये सिखाया है कि स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है.उन्होंने कहा कि हमने जहां गरीबों के इलाज पर होने वाला खर्च कम किया. वहीं इस बात पर भी जोर दिया है कि डॉक्टरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो. आज हेल्थ और वैलनेस को लेकर देशभर में एक सतर्कता आयी है.

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गुजरात में कोरोना की चुनौती का बेहतर निपटारा

पीएम मोदी ने कहा कि बीते दो दशकों में गुजरात में जिस प्रकार का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है. वो बड़ी वजह है कि गुजरात कोरोना की चुनौती से बेहतर तरीके से निपट पा रहा है. एम्स राजकोट, गुजरात के हेल्थ नेटवर्क को और भी सशक्त करेगा, मजबूत करेगा.

6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर शुरु हुआ काम

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी सिर्फ 6 एम्स ही बन पाए थे. 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 नए एम्स बनाने के लिए कदम उठाए थे. उन्हें बनाते बनाते 2012 आ गया. यानी 9 साल लग गए थे. बीते 6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर काम हो चुका है. जिनमें से कई आज पूरी तरह काम शुरू कर चुके हैं. एम्स के साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पैशिलिटी हॉल्पिटल्स पर भी काम किया जा रहा है.

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