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पीएम किसान सम्मान निधिः क्या #MODI और #BJP ने देश 5.72 करोड़ किसानों के साथ ठगी की!

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– झारखंड के 11.83 लाख से अधिक किसानों के खाते में नहीं आया है तीसरी किस्त का 2000 रुपये

Surjit Singh

Sport House

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना. दिसंबर 2018 में इस योजना की धूम थी. वह वक्त था लोकसभा चुनाव-2019 से पहले का. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि देश के किसानों को सम्मान दिया जायेगा. किसानों को प्रति वर्ष तीन किस्तों में 6000 रुपया दिया जायेगा. भाजपा ने इस योजना का खूब प्रचार किया. लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिली. इसके बाद मोदी और भाजपा दोनों ने किसानों को भुला दिया.

यह हम नहीं कह रहे. भारत सरकार का ही आंकड़ा बता रहा है. यह आंकड़ा कोई गोपनीय नहीं है. भारत सरकार की साइट पर यह आंकड़ा उपलब्ध है. आप भी देख सकते हैं. आंकड़े देखकर खुद तय करिये कि चुनाव खत्म होने के बाद मोदी सरकार और भाजपा ने कैसे किसानों को भुला दिया.

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Vision House 17/01/2020

20 सितंबर को साइट पर उपलब्ध आंकड़े के अनुसार 2018 में जब इस योजना की शुरुआत की गई थी, तब सरकार ने देश के 7,14,41,296  किसानों का चयन किया था. जिनके खातों में तीन किस्तों (प्रत्येक किस्त में 2000-2000 रुपया) में 6000 हर साल दिया जाना है. पहली किस्त फरवरी माह में दी गई. जिसमें 6,54,18,886 किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये डाले गये.

योजना के तहत दूसरी किस्त मई माह में किसानों के खातों में डाला गया. आश्चर्यजनक ढंग से दूसरी किस्त की राशि सिर्फ 3,83,16,673 किसानों के खातों में डाले गये. मतलब साफ है, केंद्र की मोदी सरकार ने पहली किस्त में जितने किसानों के खाते में राशि डाले थे, उनमें से 2,71,02,213 किसानों के खाते में दूसरी किस्त की राशि नहीं डाले गये.

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अब तीसरी किस्त की बात करें. केंद्र सरकार ने तीसरी किस्त की राशि मात्र 1,41,46,724 किसानों के खाते में डाले. इस आंकड़े से साफ है कि पहली किस्त की राशि जितने किसानों के खाते में डाले गये थे, उनमें से 5,12,72,162 किसानों के खाते में तीसरी किस्त की राशि डाली ही नहीं गयी.

ये आंकड़े क्या कहते हैं. क्या इस योजना को लाने के पीछे की मंशा सिर्फ लोकसभा चुनाव में किसानों को खुश करना था. क्या इसी उद्देश्य से पहली किस्त में 6.54 करोड़ किसानों के खाते में राशि दी गयी. और चुनाव बीतने के बाद सिर्फ 1.41 करोड़ किसानों के खाते में ही पैसे डाले गये.

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तो क्या आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा खुद को इस आरोप से बचा पायेगी कि वोट लेने के बाद देश के 5.71 करोड़ किसानों को धोखा दिया गया. जिन किसानों के खाते में अब सम्मान निधि योजना की राशि नहीं डाली जा रही है, क्या अब वह खुद को ठगा महसूस नहीं कर रहे होंगे.

बात झारखंड की करें, तो झारखंड के 13,75,799 किसानों का चयन किसान सम्मान निधि योजना के तहत की गई थी. इसमें से 8,29,494 किसानों को फरवरी माह में पहली किस्त दी गई.

दूसरी किस्त 4,03,912 किसानों के खाते में दी गई. जबकि अगस्त में तीसरी किस्त के 2000 रुपये सिर्फ 1,92,698  किसानों के खाते में डाले गये. तो क्या झारखंड के करीब 11.83 लाख किसानों के साथ धोखा नहीं किया गया. यह आंकड़ा 20 सितंबर को सरकार के साइट पर उपलब्ध है.

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Mayfair 2-1-2020

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