
रांची: राजधानी रांची के बुंडू निवासी व आजसू नेता राजकिशोर कुशवाहा को 26 मार्च 2022 की सुबह अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया था. इस गोलीकांड के दो साल बीत जाने के बाद भी अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. अपराधियों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है. बीते दो साल के अंदर तत्कालीन थानेदार पंकज भूषण का तबादला भी हुआ था, उसके बाद फिर पंकज भूषण को बुंडू का थानेदार बनाया गया है लेकिन थानेदार बनने के बाद भी इस गोलीकांड का खुलासा नहीं हो पाया है. अपराधी बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया लेकिन पुलिस इस मामले में गोलीकांड की वजह भी नहीं तलाश सकी है.
26 मार्च 2022 की सुबह जब राजकिशोर कुशवाहा मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. उसी दौरान अपराधियों ने उनपर हमला किया. राजकिशोर जय हो सेवा संस्था के संस्थापक और रांची जिला आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष है. उनके हाथ में गोली लगी थी. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घटना स्थल से बुंडू पुलिस ने 7.65 एमएम का खोखा बरामद किया था. 26 मार्च 2022 की सुबह करीब 4:30 बजे राजकिशोर अपने घर से कुत्ते को लेकर मॉर्निंग वाक के लिए निकले थे. इसी बीच घात लगाये अपराधी ने उनपर हमला कर दिया था.
इस मामले को लेकर बुंडू थानेदार पंकज भूषण ने बताया कि अबतक इस मामले में कोई जानकारी नहीं मिली है. इस मामले की जानकारी केस आईओ के पास हो सकती है और फिलहाल केस आईओ चनावी ड्यूटी में गए हुए है. आखिर सवाल यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर क्यों नहीं है.




