
Special Correspondent
Ranchi: रांची के आउटर रिंग रोड निर्माण के लिए तीन फेज का सर्वे हो गया है. अन्य एक चरण का सर्वे अंतिम चरण में है. पथ निर्माण विभाग ने सर्वे कराके रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दिया है. जुलाई तक यह केंद्र सरकार से क्लियर हो जायेगा कि इस साल कितने चरणों में आउटर रिंग रोड पर काम प्रारंभ किया जायेगा. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि यह प्रयास हो रहा है कि पहले चरण पर काम प्रारंभ कराया जाये. दोंनों चरणों को मिलाकर 90 किमी रोड इस साल बनेगी. पहले चरण में 48 किमी रोड बनेगा. छह लेन रोड बनाने का प्रस्ताव है.
सर्वे में जमीन की उपलब्ता देख ली गयी है. अधिकांश भूमि ग्रीन फील्ड है या बिना विवाद के हैं. ऐसे में इसका अधिग्रहण आसानी से किया जा सकता है. केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा के बाद इसके कार्य में तेजी आयी है. चार चरणों में इसे बनाया जाना है. राज्य के पथ निर्माण विभाग की ओर से इसका सर्वे कराया जा रहा है. केंद्र सरकार इसके निर्माण के लिए राशि आवंटित करेगी. इंजीनियरों के अनुसार करीब 6000 करोड़ रुपये इसके निर्माण में खर्च आने का अनुमान है. एक किमी रोड में करीब 30 करोड़ खर्च आयेगा. केंद्र सरकार के द्वारा चयनित कंसलटेंट एजेंसी एमएसजी इसका डीपीआर बनाने का काम कर रही है.
ऐसे बनेगा रिंग रोड
आउटर रिंग रोड की लंबाई करीब 194 किमी होगी. यह एनएच 33 रांची-रामगढ़ रोड से शुरू होकर नेशनल हाइवे 75 के मांडर के पास तक जायेगी. यहां से दूसरा फेज एनएच 23 (रांची-गुमला मार्ग) में इटकी तक जायेगा. वहां से एनएच 75 एक्सटेंशन (रांची-चाईबासा रोड) पर कालामाटी के पास निकलेगा. फिर वहां से एनएच 33 (रांची-टाटा रोड) होते हुए अनगड़ा से एनएच 33 (रांची-रामगढ़ मार्ग) तक जायेगा.
सात जिले जुड़ेंगे
यह रिंग रोड राज्य के सात जिलों को आपस में जोड़ेगा. इसमें हजारीबाग, रांची, लातेहार, लोहरदगा, गुमला,खूंटी, और पूर्वी सिंहभूम जिला हैं. रिंग रोड की लंबाई 195 किमी की है. जो वर्तमान रिंग रोड से 10 किमी दूरी पर होगा. इसके बनने से रांची-रामगढ़ सहित खूंटी के कई पर्यटन स्थलों में आवागमन भी आसान होगा.
पांच एनएच भी जुड़ेगा
रांची रिंग रोड पांच नेशनल हाइवे को भी जोड़ेगा. मांडर के पास उकरीद में एनएच 75, इटकी तरफ एनएच 23, एनएच 20, खूंटी तरह एनएच 75 ई व रामगढ़-रांची-जमशेदपुर मार्ग एनएच 33 को भी यह जोड़ने का काम करेगा. इसके दोनों ओर करीब सात-सात मीटर चौड़ा सर्विस लेन बना. आउटर रिंग रोड को वर्तमान मे बने 84 किमी रिंग रोड भी इनर रिंग रोड के जरिये जोड़ा जायेगा. इसके निर्माण में टाटा स्टील के फ्लाईऐश का भी इस्तेमाल होगा.
आउटर रिंग रोड से ये होगा फायदा
रांची में आउटर रिंग रोड का एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक की भीड़ कम हो जायेगी. क्योंकि बाहर से आने वाले भारी वाहन शहर के मुख्य क्षेत्रों को बाइपास कर देंगे. खासतौर पर पलामू, गुमला, हजारीबाग और मध्यप्रदेश के भारी मोटर वाहन आउटर रिंग रोड का इस्तेमाल करेंगे. रांची की वर्तमान जनसंख्या लगभग 28 लाख है. यदि बाहरी क्षेत्र के लोगों को जोड़ लिया जाये तो जनसंख्या करीब 36 लाख तक पहुंच जायेगा. रियल इस्टेट के कारोबार के लिए यह रोड काफी प्रभावी होगा.
एक नजर में चार चरण में बनने वाला आउटर रिंग रोड
पहला चरण: एनएच 33 में पुंदाग टोल प्लाजा के निकट से एनएच 75 में मांडर के उकरीद तक.
दूसरा चरण: एनएच 75 उकरीद से एनएच 23 इटकी के समीप तक.
तीसरा चरण: एनएच 23 इटकी के पास से एनएच 75 एक्सटेंशन में कालामाटी तक.
चौथा चरण: एनएच 75 एक्सटेंशन से एनएच 33 टाटा रोड में पांचा तक. वहीं, पांचा से एनएएच 33 से पुंदाग टोल प्लाजा तक.




