
New Delhi: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात से पूर्व दोनों देशों के बीच जारी तनाव के कम होने के संकेत मिल रहे हैं. दोनों देशों ने ठोस कदम उठाते हुए गुरुवार से पूर्वी लद्दाख में गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र में पेट्रोल पाइंट-15 से तैनात जवानों को हटाना शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की बैठक के 16वें दौर में बनी सहमति के बाद यह फैसला लिया गया है.
अरुणाचल प्रदेश व लद्दाख में दोनों के बीच तनाव बरकरार है. अच्छी बात यह कि तनाव के बीच भी दोनों देशों के बीच वार्ता का दौर जारी है. दोनों देशों यह कदम तब उठाया है जब एक हफ्ते बाद उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन का सालाना शिखर सम्मेलन है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होंगे. दोनों
मालूम हो कि गलवान में दोनों देशों की सेनाओं में झड़प के बाद से ही तनाव की स्थिति है. भारत ने चीन की हरकतों का कई बार विरोध किया है. गलवान झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. चीन के 40 से ज्यादा जवान मारे गए थे. इस झड़प के बाद 30 जून के आसपास दोनों पक्षों में बात हुई और चीन वहां से एक किलोमीटर पीछे हट गया. भारत अपनी पोस्ट पर वापस आ गया था.




