
Palamu : अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय आदिवासी विकास परिषद से जुड़े जनजातियों ने पलामू समाहरणालय का घेराव और जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान आरोप लगाया गया कि परिषद के केन्द्रीय अध्यक्ष नरेश भुइयां को नक्सली के नाम पर जिला प्रशासन द्वारा जेल भेज दिया गया है. मंडल डैम में गेट लगाने का भी परिषद के कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे.
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अंग्रेजों से भी खराब है नरेन्द्र मोदी का शासन : उमाशंकर
प्रदर्शन में मुख्य अतिथि भारतीय जनमुक्ति पार्टी के सुप्रीमो उमाशंकर बैगा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन अंग्रेजी शासन से भी खराब है. निर्दोष व्यक्ति को माओवादी बनाया जा रहा है. 14 जून को गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड के भंडार गांव से दो निर्दोष को पुलिस ने पकड़ा गया और उन्हें माओवादी नक्सली बता दिया. इनमें एक परिषद के केन्द्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार भुइयां, जबकि दूसरा निजामुदीन अंसारी थे.
भाजपा के शासनकाल में आदिवासी हो रहे तबाह
उमाशंकर बैगा ने कहा कि यह बड़ी शर्मनाक घटना है. नरेन्द्र मोदी के शासन काल में गरीब, दलित और आदिवासियों को तबाह किया जा रहा है. जंगल और जमीन से विस्थापित किया जा रहा है. हिटलशाही शासन चलाया जा रहा है. तमाम घटनाओं से प्रतीत होता है कि नरेन्द्र मोदी आदिवासियों और दलितों के घोर विरोधी हैं.
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन में अवधेश राम, अंगूरा देवी, देवनाथ कोरवा, रंजय कुमार भुईया, रिंकू देवी, चिंता देवी, राजकुमार परहिया, कुशुम देवी, कमेश बैगा, जितेन्द्र भुईंया, शिवनाथ परहिया, भूलन परहिया सहित दर्जनों आदिम जनजाति शामिल थे. इससे पहले शिवाजी मैदान से रैली जुलूस निकाला गया और समाहरणालय में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता देवनाथ कोरवा ने की.
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