
Palamu : पलामू जिले में पिछले 36 घंटे के दौरान तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गयी. तीसरी मौत मंगलवार की दोपहर हुई. तीसरा मजदूर गाजियाबाद से पलामू लौटा था. मेदिनीनगर आने के बाद चियांकी हवाई अड्डा पर उसकी तबियत खराब हो गयी.
आनन-फानन में उसे इलाज के लिए मेदिनीनगर पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. जहां उसकी मौत हो गयी. मजदूर का कोरोना सैंपल लिया गया है. मृतक की पहचान जिले के सतबरवा निवासी तैयब अली के रूप में की गयी है.
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विदित हो कि सोमवार को छतरपुर प्लस टू उच्च विद्यालय के कोरंटाइन सेंटर पर रह रहे उररूआ ओकराहा के प्रवासी मजदूर सत्येन्द्र कुमार यादव की मौत हो गयी. जबकि बिहार के छपरा से रांची के खलारी ट्रक से जा रहे वीर बहादुर खाखा की मेदिनीनगर के रेड़मा में मौत हो गयी थी. छतरपुर के मरीज की सैंपल जांच निगेटिव आयी थी.
जानकारी के अनुसार तैयब अली गाजियाबाद में रहकर टेलरिंग का काम करते थे. लॉकडाउन में वहां लंबे समय तक फंस रहे. किसी तरह ट्रेन से बिहार के नवीनगर सोमवार को पहुंचे थे. वहां से एक ट्रक में सवार होकर अपने घर सतबरवा के लिए चले. चियांकी पहुंचने पर तैयब ने अपनी जांच कराना उचित समझा. मंगलवार को वे चियांकी स्क्रीनिंग सेंटर पर जांच के लिए पहुंचे थे. कुर्सी पर बैठे थे कि अचानक ही बेहोश होकर गिर पड़े.
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मौके पर मौजूद प्रशासन के लोगों ने एंबुलेंस से उन्हें पीएमसीएच भेजा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. कोरोना जांच के लिए मृतक का सैंपल लिया गया. उनके परिजनों का कहना है कि घर वापसी के दौरान मृतक कई दिन और कई राते पैदल भी चले थे. रास्ते में खाना-पीना भी नहीं मिला था. चियांकी में जांच कराने के दौरान अचानक उनकी हालत खराब हो गई.
जिले के सिविल सर्जन डॉ जान ऑफ कैनेडी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि एहतियात के तौर पर मृतक का सैंपल लिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जिले में येलो अलर्ट जारी है
अचानक एक के बाद एक प्रवासी मजदूरों की मौत के कारण लू भी हो सकता है. इससे इंकार नहीं किया जा सकता. मौसम विभाग की ओर से पलामू जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
पलामू का तापमान 44.8 डिग्री है. भोजन और पानी के अभाव में मजदूर लगातार पैदल चल रहे हैं. लॉकडाउन के कारण सड़कों पर सन्नाटा रहने के कारण लू का असर सीधे शरीर पर हो रहा है. ऐसे में मजदूरों की मौत की पीछे लू लगने से इंकार नहीं किया जा सकता.
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