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पलामू : स्मार्ट कार्ड रजिस्ट्रेशन पेंडिंग, पिछले 20 दिनों से लोग लगा रहे DTO कार्यालय का चक्कर

Daltonganj : जिला परिवहन कार्यालय से रजिस्ट्रेशन का काम पिछले 20 दिनों से लंबित है. ऐसे में करीब तीन हजार दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहन बिना रजिस्ट्रेशन के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं. बताया जाता है कि आॅनर बुक और रजिस्ट्रेशन के लिए जो स्मार्ट कार्ड बनते हैं, उनमें लगे चिप तकनीकी कारणों से चार्ज नहीं हो पा रहे हैं. इसी वजह से वाहनों का रजिस्ट्रेशन पेंडिंग होता जा रहा है. वाहनों का रजिस्ट्रेशन पेंडिंग होने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन लंबित रहने के कारण कई बार उन्हें पुलिस को जबाव भी देना पड़ता है. पुलिस द्वारा जब भी वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाता है तो वाहन मालिकों से आॅनर बुक की मांग की जाती है. आॅनर बुक नहीं दिखा पाने पर फाइन देना पड़ता है. दुर्घटना की स्थिति में उन्हें बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाता.

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गौरतलब है कि शादी, त्योहार एवं अन्य शुभ मौके पर वाहनों की जबरदस्त खरीद होती है. वाहनों को खरीदने के लिए  दो पहिये से लेकर बड़े वाहनों की अधिकृत एजेंसी में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. वाहन तो बहुुत आसानी से एजेंसी से मिल जाते हैं, लेकिन उन वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों को काफी मशक्कत करना पड़ता है.

रजिस्ट्रेशन के अभाव में परेशान लोग

रजिस्ट्रेशन लंबित रहने के कारण वाहन मालिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कई बार लोग वाहन एजेंसी के कर्मचारियों से उलझ जाते हैं. कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने भाड़े पर चलाने के लिए वाहन खरीदे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन के अभाव में उनके वाहन आज भी दरवाजे पर ही खड़े हैं, क्योंकि बगैर निबंधन के रोड परमिट नहीं मिलता और बगैर रोड परमिट वाहन नहीं चलाये जा सकते हैं. कुछ वाहन मालिक A/F यानि कि एप्लाइड फॉर लिखकर वाहन चला तो रहे हैं, लेकिन उन्हें भी किसी समय वाहन के जब्त होने या फिर चोरी होने पर इंश्योरेंस से वंचित होने का डर बना रहता है. वहीं जिले में वाहन चोरी की घटनाएं आम है.

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क्या कहते हैं डीटीओ

जिला परिवहन पदाधिकारी जयदीप तिग्गा ने बताया कि समस्या एनआईसी (राज्य स्तर) से ही है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड बनकर तैयार है लेकिन तकनीकी वजहों से उसमें लगे चिप चार्ज नहीं हो पा रहे हैं. जिला परिवहन कार्यालय लगातार मुख्यालय के संपर्क में है और उम्मीद है कि एक-दो दिनों में समस्या का समाधान हो जायेगा. वाहन मालिकों को विकल्प के तौर पर पेपर मोड में दस्तावेज उपलब्ध कराये जा रहे हैं.

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