JharkhandPalamu

पलामू: एमआर एमसीएच में डॉक्टर से मारपीट के विराध में सात घंटे हंगामा, पुलिस के हस्तक्षेप से शांत हुआ

Palamu : मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रामाशंकर कुमार के साथ मंगलवार की सुबह मारपीट के विरोध में सात घंटे तक हंगामा किया गया.

घटना के बाद जूनियर डॉक्टर और मेडिकल के छात्र आंदोलन करते नजर आए हैं और ओपीडी सेवा बंद करा दी. हंगामा और प्रदर्शन का दौरान छह से सात घंटे तक चला. इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. बाद में पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हुआ.

जिले के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने कहा कि सारा गतिरोध समाप्त हो चुका है. शाम में समय पर ओपीडी शुरू कर दी जायेगी. इधर, पलामू के एएसपी के विजय शंकर के समझाने के बाद मृतका का पोस्टमॉर्टम किया गया.

एएसपी ने कहा कि डॉक्टर के साथ मारपीट करने वालों की पहचान कराई जा रही है. पहचान होने पर कार्रवाई की जायेगी. इधर, इस सिलसिले में डाक्टर के द्वारा आवेदन पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गयी है. मांग पूरी नहीं होने होने पर हड़ताल की धमकी दी गयी है. सुरक्षा की भी मांग दोहराई गयी है. घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की छानबीन में जुटा हुआ है.

इसे भी पढ़ें : 8 हजार पाने वाले सहिया प्रशिक्षक दल को हटाने और ट्रांसफर करने की चल रही प्रक्रिया

अस्पताल बना रहा अखाड़ा, दोपहर तक चला हंगामे का दौर

पलामू प्रमंडलीय सदर अस्पताल में दिन भर शोर शराबा और हंगामे का दौर चला. करीब छह घंटे तक अस्पताल में हंगामा होते रहा. कभी डॉक्टर, कभी पत्रकार तो कभी परिजन उलझते नजर आए. हालांकि दोपहर दो बजे के बाद स्थिति में थोड़ी नरमी देखने को मिली. पुलिस अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ.

मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने मचाया उत्पात

जूनियर रेजीडेंट डॉ. रामाशंकर कुमार के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर पोखराहा स्थित मेडिकल कॉलेज से बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के छात्र अस्पताल पहुंच गये और जमकर उत्पात मचाया. भविष्य के डॉक्टर ने वर्तमान के सीनियर डॉक्टरों को भी नहीं बख्शा. मतभेद होने पर जूनियर डॉक्टर सीनियर से ही भिड़ गये.

बाद में कवरेज के दौरान मेडिकल के छात्रों ने पत्रकारों को भी अपनी हेकड़ी दिखाई. कवरेज करने से रोक दिया. इस दौरान पत्रकारों और मेडिकल छात्रों के बीच भी भिड़ंत हुई. इस दौरान छात्रों के द्वारा कई पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया.

…पुलिस को कानून सिखाते नजर आए जूनियर डॉक्टर

सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के छात्रों के हंगामे के दौरान पुलिस के पदाधिकारी मामले को शांत कराने पहुंचे और डॉक्टर्स को समझाने लग. इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने डीएसपी के. विजय शंकर, थाना प्रभारी अरूण कुमार महथा एवं टीओपी-1 प्रभारी विरू पासवान समेत पुलिस जवानों को कानून सिखाने लगे.

पुलिस प्रशासन द्वारा जूनियर डॉक्टरों को लगातार बोला जा रहा था कि पुलिस आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए आई हुई है, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हेकड़ी में रहे और उन लोगों ने पुलिस को कहने लगें कि आप हमारी सहायता और सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पुलिस अपनी सहायता कर रही है और अपनी ड्यूटी कर रही है. जूनियर डॉक्टरों ने एक जिद पर डटें रहे कि उस लड़कें को गिरफ्तार किया जाए, जिसने मारपीट की है.

पोस्टमार्टम नहीं होने पर परिजनों ने किया हंगामा

मृतका निधि कुमारी का पोस्टमार्टम नहीं करने पर परिजनों ने मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गये और हंगामा करने लगे. उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा समझाया गया, लेकिन वे लोग नहीं माने.

परिजनों की मांग थी कि लड़की का पोस्टमार्टम जल्द किया जाए, लेकिन जूनियर डॉक्टर को पीटने के कारण सभी डॉक्टर हडताल पर थे. बहरहाल, डॉक्टरों को समझा कर डॉ. आर. के रंजन को पोस्टमार्टम के लिए तैयार किया गया. उसके बाद परिजन धरना पर से उठ गये और पोस्टमार्टम के लिए चले गये.

इसे भी पढ़ें : झारखंड के दस हजार लोगों को कोयंबटूर में मिलेगी नौकरी

डॉक्टरों की हड़ताल के कारण नहीं हुआ सैकड़ों मरीजों का इलाज

डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सैकड़ों मरीजों का इलाज नहीं हो सका. अस्पताल में मरीज एवं उनके कई परिजन इलाज हेतु पर्ची काट लेने के लिए घंटों लाइन में लगे रहे, लेकिन पर्ची काउंटर पूरा दिन बंद पड़ा रहा. सदर अस्पताल में इलाज न होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियां हुई. कई लोग निजी क्लिनीक में इलाज कराये.

वहीं गरीब असाहाय मरीज के परिजन बिना इलाज कराये अपने घर लौट गये. सदर अस्पताल के सभी विभागों में ईलाज के लिए मरीज पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण किसी का ईलाज नहीं हो सका.

चैनपुर थाना क्षेत्र के चांदों गांव निवासी जुलेखा बीवी (उम्र 70) ईलाज के लिए आई थी, लेकिन हड़ताल के कारण उसका इलाज नहीं हो सका. जुलेखा और उनके परिजन घंटों सदर अस्पताल के कोने में बैठे रहे. परिजन ने बताया कि जुलेखा बीबी को सांस लेने में परेशानी हो रही है. ईलाज के लिए सदर अस्पताल आए हैं. पिछले एक घंटे से बैठे हुए है, लेकिन कोई ईलाज नहीं कर रहा है.

अपने घर से सदर अस्पताल मरीज को लेकर आने में काफी समस्या होती है. अंततः सदर अस्पताल में ईलाज न हो सका और मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गयी. हड़ताल के कारण ब्लड बैंक में रक्त नहीं मिल सका. सीटी स्केन कराने आए मरीज का सीटी स्केन नहीं हो सका.

इसे भी पढ़ें : News Wing Impact: एथलेटिक्स कोच मारिया खलखो को खिलाड़ी कल्याण सहायता कोष से मिलेगी मदद

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: