SportsTOP SLIDER

News Wing Impact: एथलेटिक्स कोच मारिया खलखो को खिलाड़ी कल्याण सहायता कोष से मिलेगी मदद

Ranchi : खेल विभाग ने रिटायर्ड एथलेटिक्स कोच मारिया गोरती खलखो की मदद को हाथ बढ़ाया है. न्यूज विंग ने 2 जनवरी, 2021 को एक खबर प्रसारित की थी- नेशनल एथलीट और कोच मारिया को नहीं मिली 1 लाख की सरकारी मदद, पेंशन की लगा रहीं गुहार.

कला, संस्कृति औऱ खेलकूद विभाग ने इस पर सुध ली है. इस कोच को जल्द ही खिलाड़ी कल्याण कोष से मदद दी जायेगी. इसके तहत उन्हें अभी 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराये जाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. संभवतः अगले एक सप्ताह के अंदर मारिया को यह राशि उपलब्ध करा दी जायेगी.

इसे भी पढ़ें : गिरिडीह पहुंचे पेयजल एंव स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर कहा, पहले भाजपा शासित राज्यों में कम हो वैट

जल्द ही होगा भुगतान

खेल निदेशक जीशान कमर ने न्यूज विंग से कहा कि मारिया खलखो को सहायता कल्याण कोष से जरूर मदद दी जायेगी. कोरोना संक्रमण और दूसरे कारणों से उन्हें जरूरी सहयोग नहीं दिया जा सका था. अब उनके लिए फिर से प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इसी वित्तीय वर्ष में उनके लिए सहायता राशि की व्यवस्था करके अगले 7 से 10 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जायेगा.

सरकार को धन्यवाद

मारिया खलखो ने सहायता कल्याण कोष से सहायता राशि के लिए पहल किये जाने पर खुशी जतायी है. न्यूज विंग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 30 सालों तक नौकरी करने के बावजूद उनके हाथ खाली ही रहे.

कॉन्ट्रैक्ट पर इतने दिनों तक नौकरी करने के बावजूद उनके पास रिटायरमेंट के समय ऐसा कुछ नहीं रहा जिससे आगे का भविष्य सुरक्षित करने में मदद मिले. अब सरकार ने उनके लिए सहायता कल्याण कोष से मदद करके उनका मनोबल बढ़ाया है. न्यूज विंग ने भी उनके लिए जो प्रयास किया है, वह सराहनीय है.

इसे भी पढ़ें : एचसीएल के टेकबी प्रोग्राम से झारखंड में 12वीं पास छात्रों को मिलेगा रोजगार का अवसर 

उधार की जिंदगी जी रहीं मारिया

गौरतलब है कि जेवलिन थ्रो की नेशनल प्लेयर औऱ शानदार एथलेटिक्स कोच रहीं मारिया गोरती खलखो पिछले कुछ दिनों से फाकाकशी में दिन गुजार रही हैं. एथलेटिक्स कोच के तौर पर उन्होंने महुआडांड़ एथलेटिक बालिका सेंटर, लातेहार में 1988 में योगदान दिया था. अगस्त 2018 में संविदा पर ही नौकरी करते रिटायर हो गयी थीं.

फिजिकली अनफिट हो चुकीं मारिया दो सालों से एक लंग्स के ही भरोसे ही चल रही हैं. अक्टूबर, 2019 में उन्हें लंग्स संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए रिम्स, रांची में एडमिट होना पड़ा था. इस दौरान खेल विभाग ने मदद की थी.

खिलाड़ी सहायता कल्याण कोष से 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद किये जाने की घोषणा हुई थी. पर जनवरी, 2021 तक उन्हें यह राशि नहीं मिल सकी थी. फिलहाल वो पैसे के साथ साथ वृद्धा पेंशन की आस लिये सरकार से गुहार लगा रही हैं.

इसे भी पढ़ें : 8 हजार पाने वाले सहिया प्रशिक्षक दल को हटाने और ट्रांसफर करने की चल रही प्रक्रिया

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: