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पलामू: मानदेय के नाम पर चेक का लॉलीपॉप, बकाया साढ़े तीन लाख, मिला 6 हजार का चेक

जिस अकाउंट का चेक, उसमें पैसे नहीं-बैंकों का चक्कर लगाकर परेशान हैं कमी.

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Palamu: पलामू जिले की चैनपुर जलापूर्ति योजना लगातार चर्चा में रही है. इन दिनों वहां के तीन कर्मियों को बकाया मानदेय के साढ़े तीन लाख रुपये की जगह छह-छह हजार रुपये के चेक का लॉलीपॉप थमा दिया गया है.

जिस खाते का चेक दिया गया है, उसमें पैसे ही नहीं हैं. कर्मी परेशान हैं और स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं. पिछले 20 दिनों से बैंक का चक्कर काट रहे हैं. इस बीच कर्मियों ने जलापूर्ति ठप करा दी है.

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एक महीने से बंद है जलापूर्ति

चैनपुर जलापूर्ति योजना का संचालन पूर्व में नगर पंचायत करती थी, लेकिन मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में चैनपुर इलाके के आ जाने के बाद इसकी देखरेख निगम प्रशासन कर रहा है.

जब से निगम इस योजना की देखरेख कर रहा है, तब से यहां कई तरह की परेशानियां घिर आयी हैं. पिछले दिनों तीन महीने तक जलापूर्ति बंद रही. आनन-फानन में जब जलापूर्ति शुरू हुई तो मानदेय भुगतान का मामला सामने आ गया. मानदेय मामले को लेकर एक महीने से जलापूर्ति ठप है.

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Vision House 17/01/2020

लगातार छले जा रहे कर्मी

इस केंद्र में कार्यरत तीन कर्मियों का साढ़े तीन लाख तक का मानदेय बकाया चल रहा है. दीपावली के पहले जब कर्मियों ने मानदेय के लिए आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू की तो उन्हें दिलाशा देकर काम लिया गया. कुछ दिनों तक काम करने के बाद भी उन्हें मानदेय नहीं मिला.

इसी बीच कर्मियों ने काम ठप कर दिया. एक सप्ताह तक सेवा नहीं देने पर आनन-फानन में नगर निगम द्वारा चैनपुर बहुपंचायत को निर्देश दिया गया कि तीनों कर्मियों को छह-छह हजार का चेक दे दिया जाये. निगम उनके खाते में पैसा भेज देगा. बहुपंचायत ने ऐसा ही किया. कर्मियों को चेक काटकर थमा दिया. लेकिन नगर निगम ने खाते में पैसा अबतक नहीं भेजा.

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20 दिन से चेक लेकर बैंक का चक्कर लगा रहे कर्मी

गत 15 नवंबर को तीनों कर्मियों को छह-छह हजार रूपये का चेक दिया गया, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी चेक से भुगतान नहीं हो पाया है. कर्मी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है.

पंप हाउस तक आने-जाने तक के लिए टेम्पो किराया तक के पैसे नहीं है. चेक मिलने के बाद से अबतक दस बार बैंक का चक्कर काट चुके हैं. बताया गया कि खाते में पैसा ही नहीं आया है.

आश्वासनों की घूंट पी-पी कर थक गये हैं कर्मी

दूसरे कर्मी कृष्णा राम ने बताया कि उन्हें भी छह हजार रूपये का चेक मिला है, लेकिन भुगतान अबतक नहीं हो पाया. लगातार आश्वासनों की घूंट पिलायी जा रही है. पिछले दिनों पूरे दिन भूखे प्यासे निगम कार्यालय में नगर आयुक्त से फरियाद के लिए बैठे रहे.

दोपहर में बताया गया कि सेकेंट हाफ में नगर आयुक्त उनकी समस्या सुनेंगे, लेकिन दोपहर बाद वे कार्यालय ही नहीं आये. जिसके बाद कृष्णा राम थके हारे लौट गये. कृष्णा ने कहा कि काम कराने के बाद निगम और बहुपंचायत उन्हें मानदेय देने से पीछे क्यों हट रहा है? जो समझ से परे लगता है.

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मानदेय भुगतान और जलापूर्ति के लेकर किसी को फिक्र नहीं

पूरे मामले को देखने के बाद स्पष्ट होता है कि कर्मियों के मानदेय भुगतान और जलापूर्ति सुचारू रखने को लेकर किसी को फिक्र नहीं है. नगर निगम की भूमिका इसमें काफी लापरवाह नजर आ रही है.

अगर निगम चाहता तो सारी समस्या का समाधान हो जाता. बहुपंचायत के अध्यक्ष से लेकर कोषाध्यक्ष और सचिव सभी पार्षद हैं. अबतक के घटनाक्रम बताते हैं कि पार्षद और निगम प्रशासन में समन्वय का घोर अभाव है.

जल्द होगा समस्या का निदान: डिप्टी मेयर

इस बीच नगर निगम के डिप्टी मेयर राकेश कुमार उर्फ मंगल सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है. वे इस वक्त विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं. एक दो दिनों में समस्या का निदान कर लिया जायेगा. कर्मियों का बकाया मानदेय भुगतान कर जलापूर्ति शुरू करायी जायेगी.

Ranchi Police 11/1/2020

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