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पलामू: पीएम को ट्वीट कर आलोचना झेल रहे हेमंत के बचाव में उतरे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएन त्रिपाठी

Palamu :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर आलोचना झेल रहे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बचाव में इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएन त्रिपाठी उतर आए हैं. सोमवार को पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में एक वीडियो जारी कर केएन त्रिपाठी ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा पीएम को ट्वीट कर लिखी गई हर लाइन के वे पक्षधर हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री को ट्वीट कर झारखंड की स्थिति से अवगत कराने की कोशिश की है, लेकिन यह कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को रास नहीं आ रही है. यही कारण है कि ट्वीट पर रिट्वीट कर मुख्यमंत्री की आलोचना की जा रही है.

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बताते चलें कि पिछले दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कोरोना की स्थिति पर टेलिफोनिक बात की थी. इस मामले में गत 6 मई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए लिखा की प्रधानमंत्री ने फोन कर केवल अपने मन की बात की. बेहतर रहता प्रधानमंत्री काम की बात करते और काम की बात सुनते.

इंटक अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के 24 जिलों की स्थिति देखते हुए 500 आईसीयू बेड वाले अस्पताल, 5000 वेंटिलेटर भिजवाने तथा सभी को फ्री में वैक्सीन दिलवाने की मांग की थी, यह कहीं से भी गलत नहीं है.

मुख्यमंत्री ने यह भी अपने ट्वीट में लिखा है की प्रधानमंत्री जी ने फोन कर उनसे केवल अपने मन की बात की. काम की बात नहीं की. ना ही काम की बात सुनी. त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी भावनाओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराया.

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इंटक अध्यक्ष ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा है कि वह बताएं कि बंगाल में जब एक महिला को कुचलने की कोशिश की जा रही थी, तब वे कहां थे. इसी तरह बिहार के डीएनए पर उंगली उठाई गई, विपक्ष की बड़ी लीडर को जर्सी गाय बताया गया. इस मुद्दे पर किसी ने एक शब्द ना तो बोला और ना ही लिखने की कोशिश की. चीरहरण के समय दुशासन बने हुए नजर आए.

इंटक अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए अपने दम पर राज्य में मुख्यमंत्री बेहतर कार्य कर रहे हैं. वे पूरी तरह से सीएम के साथ हैं और यह बता देना चाहते हैं कि झारखंड के लोग भी पूरी तरह सीएम के साथ हैं. एक ट्राईबल मुख्यमंत्री होने के कारण उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसे लोगों को सफल नहीं होने दिया जाएगा.

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