
Palamu: उत्पीड़न विरोधी अभियान के बैनर तले विभिन्न जन संगठनों ने बुधवार को सामूहिक दुष्कर्म कांड के विरोध में समाहरणालय में प्रदर्शन किया. इस दौरान कुछ देर तक डीसी को उनके वाहन में घेरे रखा गया. डीसी आंजनेयुलू अपने वाहन के शीशे खोलकर प्रदर्शनकारियों से बात की. बावजूद प्रदर्शनकारी उन्हें रोके रखे.
उपायुक्त को घेरे रखकर सरकारी कार्य में बाध डालने के आरोप में 40 प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है. कार्यपालक दंडाधिकारी विक्रम आनंद के आवेदन पर मेदिनीनगर शहर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है. बुधवार की शाम इसकी पुष्टि शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अभय कुमार सिन्हा ने की है.
प्रदर्शन क्रम में मेदिनीनगर के एसडीपीओ आइपीएस रिषभ गर्ग ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने और गेट से जाम हटाने का आग्रह किया. यह भी कहा कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. जल्द रिजल्ट मिलेगा. इस दौरान जिले के पाटन के खामही के दलित छात्रा सामूहिक दुष्कर्म कांड के सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी की सजा देने, पीड़िता के परिजनों को 10 लाख रुपए व सुरक्षा व्यवस्था करने सहित अन्य मांग की गई.
इससे पहले मेदिनीनगर अम्बेडकर पार्क से आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन हुए लोग पलामू डीसी-एसपी कार्यालय का घेराव किया गया एवं प्रतिरोध सभा की गई. अध्यक्षता झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने की, संचालन अखिल भारतीय महिला सभा की प्रभारी दिव्या भगत ने किया.
आक्रोशपूर्ण सभा में किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष का. बी.एन. सिंह, झारखंड बौद्ध महासभा की सुषमा बौद्ध, भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव नागमणि रजक, पूर्व जिप अध्यक्ष प्रभा देवी, पीड़िता की मां, मंच की केन्द्रीय सचिव निर्मला कुमारी, नगर अध्यक्ष प्रदीप राम, आईसा की जिला उपाध्यक्ष ममता कुमारी, पूर्व मुखिया लक्ष्मण राम, जय मंगल राम, समाजिक न्याय मंच के रवि पाल, विनय वैद्य, चन्द्रधन मेहता, पूर्व मुखिया बाबूलाल राम, कृष्णकांत बौद्ध,प्रेम कुमार, माले के सरफराज आलम, श्रवण विश्वकर्मा, पवन विश्वकर्मा, राजेन्द्र बौद्ध, सुरेन्द्र राम आदि शामिल थे.
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