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पलामू: विकास के दावे यहां हो जाते हैं फेल, जर्जर-कीचड़युक्त सड़क पर वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल 

Dilip Kumar

Palamu : राज्य में सड़कों का जाल बिछा देने के दावे तो हर दिन राज्य की रघुवर सरकार कर रही है, लेकिन जिला मुख्यालय से सटे सड़कों का हाल बुरा है. इन सड़कों को देखकर विकास के तमाम दावे खोखले नगर आते हैं.

मेदिनीनगर मुख्यालय से सटे शाहपुर-चैनपुर पथ और रेड़मा में श्रीराम पथ इन दिनों खतरनाक हो गए हैं. इन सड़कों पर चलना मौत को दावत देने के समान है.

मेदिनीनगर नगर निगम का विकास केवल कागजों पर ही दिखता है. धरातल पर चारों तरफ गंदगी और कीचड़ से भरी सड़क है. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण निगम के वार्ड नंबर 17 की एक महत्वपूर्ण सड़क है, जो कीचड़युक्त है. वाहनों का चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है.

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जनता हित को देखने वाला कोई नहीं 

एक तरफ शहरी क्षेत्र की सड़कों की हालत बद से बदतर है, तो दूसरी ओर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर जनता दरबार के नाम पर नाटक कर रहे हैं. शहर को चमकाने के बजाय आमलोगों के बीच अपना राजनीतिक चेहरा चमकाने में लगे हैं. चुनाव के समय भाजपा के छोटे-बड़े लीडर थ्री टायर की सरकार बनाने की अपील कर रहे थे. उनकी अपील पर निगम की जनता ने थ्री टायर की सरकार बना दी तो अब जनता की अपील को सुनने वाला कोई नहीं है.

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कीचड़ से सनी सड़क से सामने आयी विकास की सच्चाई  

कीचड़ से सनी निगम के वार्ड नंबर 17 की यह सड़क शहरी क्षेत्र के सर्वांगिण विकास की सच्चाई बयां कर रही है. यही हाल पूरे नगर निगम क्षेत्र का है और नगर निगम के अधिकारी जनता से टैक्स लेने के लिए प्रचार गाड़ी से प्रचार करवा रहे हैं. वार्ड नं 17 के नागरिक उक्त सड़क के बारे में निगम के मेयर एवं कार्यपालक पदाधिकारी से सड़क निर्माण करने का अनुरोध कर चुके हैं. बावजूद इस पर ध्यान नहीं दिया गया.

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शाहपुर-चैनपुर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे 

मुख्यालय से सटे शाहपुर-चैनपुर मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं. बरसात का मौसम होने के कारण इन गड्ढों में जल भराव हो गया, जिससे हमेशा जान माल का खतरा बना रहता है. गड्ढों की मरम्मत तो दूर इसे भरने में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही है.

सड़क की ऐसी स्थिति लंबे समय से बनी हुई है. सड़क से सटे क्षेत्रीय विधायक आलोक चैरसिया का आवास है. विधायक इसी रास्ते से अपने गांव आते-जाते हैं, लेकिन शायद उनकी भी नजर इस सड़क पर अबतक नहीं पड़ी है. इसी सड़क से प्रखंड के पदाधिकारी कार्यालय आते-जाते हैं, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए उनकी भी नैतिकता का पतन हो गया है.

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