
Palamu: कृषि आशीर्वाद सहित अन्य योजनाओं पर हेमंत सोरेन सरकार द्वारा रोक लगाये जाने पर भाजपा नेता भड़क गए हैं.
पलामू के मेदिनीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश मंत्री मनोज सिंह ने आरोप लगाया कि झारखंड की हेमंत सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर रही है. बड़े-बड़े वादे और घोषणाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता झारखंड सरकार में नहीं है.
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‘खजाना खाली है’ बन रहा बहाना
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार ‘खजाना खाली है’ का बहाना ढूंढ राज्य की जनता को दिग्भ्रमित कर रही है. भ्रष्टाचार को फिर से राज्य में बढ़ावा देने में सरकार लग गई है. इसीलिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा की गई निविदाएं रद्द कर रही है.
राज्य फिर से उग्रवाद की चपेट में आ गया है. रोजगार व विकास के कार्य स्थगित हैं. मंत्री आवासों पर कब्जा जमाने की धमकी दे रहे हैं. अब यह सरकार किसानों के लिए कल्याणकारी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को भी बंद करने जा रही है, जबकि इस योजना से एक एकड़ तक जमीन वाले किसानों को 5 हजार और 5 एकड़ तक जमीन वाले किसानों को 25 हजार रूपये मिल रहे हैं.
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शोषितों और वंचितों से सरकार को काई मतलब नहीं
साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष छह हजार रूपये भी मिल रहे हैं. यानी कम से कम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार का लाभ किसानों को मिल रहा है. अभी तक 35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ रुपए मिल रहे हैं.
योजना बंद करने का मतलब हेमंत सरकार गांव, गरीब, किसान विरोधी है. इसे दलित, शोषित, वंचितों के कल्याण से कुछ लेना-देना नहीं है. सरकार गठन होते ही राष्ट्र विरोधियों से मुकदमे वापस लिए जाते हैं और आदिवासियों की नृशंस हत्या हो जाती है, जो निंदनीय है और राज्य सरकार की विफलता है.
मौके पर पार्टी जिला अध्यक्ष नरेन्द्र पांडेय, विपिन बिहारी सिंह, शिव मिश्रा, भोला सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.




