
Palamu: डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया और पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.एन त्रिपाठी के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद चुनाव के बाद काफी तेज हो गया है. दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ जहां जमकर बयानबाजी कर रहे हैं. वहीं उनके कार्यकर्ता आपस में भिड़ रहे हैं. इससे बड़ी घटना की संभावना बनने लगी है.
30 नवंबर से चल रहा विवाद
30 नवंबर से 25 दिसंबर के बीच दोनों के बीच कई बार जहां शीतयुद्ध हो चुका है, वहीं एक दूसरे के कार्यकर्ता मारपीट पर उतारू हैं. मामले में प्राथमिकी भी दर्ज है. प्रशासन की ओर से चैनपुर थाना में सुलह और समझौता का दौर भी चला, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति अबतक दूर नहीं हो पायी है.
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दो दिन पूर्व दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हुई थी पिटाई
दो दिन पहले मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के चियांकी स्थित एक लाइन होटल में विधायक आलोक चौरसिया के समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता कृष्णा गुप्ता और मनोज जायसवाल को कथित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर पीटा था.
युवकों को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. पुलिस ने जख्मी युवकों के बयान पर 15 से 20 अज्ञात पर मामला दर्ज कर आरोपी युवकों की तलाश में जुटी हुई है.
24 दिसंबर को त्रिपाठी आवास के आसपास किया गया गाली गलौज
इस बीच शुक्रवार को के.एन त्रिपाठी ने अपने चियांकी स्थित आवास पर कहा कि 24 दिसंबर की शाम चार बजे फारच्यूनर टोयटा से तीन-चार लोग उनके रेड़मा स्थित आवास की ओर आए. गाड़ी का नंबर (जेएच 01 बीएस 7108) था.
यह गाड़ी स्टेट फॉरेस्ट विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रर्ड है. इस पर आलोक चौरसिया वन निगम के चेयरमैन होने के नाते चलते हैं. रेड़मा स्थित उनके आवास से होकर उक्त गाड़ी तेज रफ्तार से गुजरी.
सीसीटीवी से पहचान करने पर पता चला कि उसमें तीन-चार लोग बैठे हुए थे. जिसमें संटू चौरसिया के अलावा ड्राईवर अनमोल चौरसिया, आनंद चौरसिया, शशि चौरसिया एवं अन्य थे.
उनलोगों ने पत्थरबाजी की एवं अश्लील हरकत करते हुए गाड़ी के शीशे से हाथ और सिर बाहर निकालकर गंदी-गंदी गालियां दीं. सब शराब के नशे में थे. गाड़ी की स्पीड बहुत तेज थी, जिसके कारण आसपास के लोग, जो सड़क किनारे खड़े थे, डरकर दीवार की ओर भागे. इस घटना से भय व्याप्त हो गया है.
सरकारी वाहन का किया गया दुरुपयोग
केएन त्रिपाठी ने कहा कि इस घटना को आलोक चौरसिया द्वारा सरकारी गाड़ी का दुरूपयोग कर अपने संगे-संबंधियों को भेजकर अंजाम दिया गया. विधायक बनने के बाद आलोक चौरसिया शहर की स्थिति बिगाड़ने पर तुले हैं. राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया. इसके चश्मदीद गवाह रेड़मा के निवासी रीचा तिवारी, सुभम तिवारी, अजीत तिवारी, सुनील तिवारी हैं.
साथ ही केएन त्रिपाठी ने मामले में उपरोक्त नंबर की सरकारी गाड़ी को जप्त करते हुए आलोक चौरसिया, संटू चौरसिया, ड्राइवर अनमोल चौरसिया, आनंद चौरसिया, शशि एवं अन्य तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए शहर थाना प्रभारी को आवेदन दिया है.
इलाके में शांति बिगाड़ने की हो रही साजिश: आलोक
इधर इस मामले में विधायक आलोक चौरसिया ने के.एन त्रिपाठी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ तथाकथित नेता क्षेत्र में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे नेता को जनता कभी मांफ नहीं करेगी. कथित नेता के कार्यकर्ताओं द्वारा अबतक कई अप्रिय घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है.
अपने खिसकते जनाधार से हताश होकर ऐसे नेता ऐसी हरकत कर रहे हैं. झारखंड विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा नकारे जाने के बाद वे अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और क्षेत्र में आतंक का माहौल कायम करना चाहते हैं, जो लोकतंत्र में जनाधार का अपमान है.
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चौरसिया ने गिनायी कई घटनाएं
चौरसिया ने कहा कि 25 नवंबर को चैनपुर के रामपुर निवासी सरयू चौधरी के साथ मारपीट करना, 30 नवंबर को मतदान के दिन केएन त्रिपाठी द्वारा कोशियारा में हथियार दिखाकर ग्रामीणों को भयभीत करना.
इसके अलावा कोल्हुआ और पूर्वडीहा में भाजपा कार्यकर्ताओं को मारना-पीटना, 23 दिसंबर को चैपरिला निवासी संजय प्रसाद और 25 को चियांकी लाइन होटल में भाजपा कार्यकर्ता कृष्णा गुप्ता एवं मनोज गुप्ता के साथ मारपीट करने की घटनाएं इसके प्रमाण हैं. इन घटनाओं के संबंध में मामला दर्ज कराया गया है. प्रशासन कार्रवाई कर दोषियों को जल्द सजा दिलाएं.




