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पलामू के तीन मजदूरों की कर्नाटक में मौत, गांव में छाया मातम

Palamu:  पलामू जिले में रोजगार की बड़ी बड़ी समस्या रही है. मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में कम मजदूरी मिलना और उसका प्रोसेस लेंदी रहने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे प्रदेशों में पलायन करते हैं. बाहर के प्रदेशों में महीनों तक मजदूरी करने के बाद मोटी रकम लेकर घर लौटते हैं, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता है. कुछ इसी तरक की मंशा लेकर जिले के नावाबाजार क्षेत्र से मजदूरी करने कर्नाटक गये  तीन मजदूरों की हादसे में मौत हो गयी.

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ब्रिज निर्माण के दौरान हुआ हादसा

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नावाबाजार प्रखंड के अलग-अलग गांवों से तीन मजदूर कर्नाटक मजदूरी के लिए गये थे. पंडवा के लामीपतरा-झरीटांड़ निवासी ठेकेदार राजेश यादव अन्य मजदूरों के साथ उन तीनों को भी मजदूरी कराने के लिए कर्नाटक ले गया था. सभी अशोका बिल्डिंग कंम्पनी प्रा. लिमिटेड से जुड़कर काम कर रहे थे. सभी आठ महीने से कर्नाटम में थे.

Sanjeevani
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27 मई को हुई घटना

ओवरब्रिज के मिट्टी भराई का कार्य चल रहा था. तीनों एक साईड में नीचे काम कर रहे थे. अचानक साईड रेलिंग फट गयी और उसमें भरी जा रही मिट्टी इन तीनों पर गिरी. जिसमें तीनों दब गये. मिट्टी में लंबे समय तक तीनों दबे रहे. कंम्पनी द्वारा जेसीबी से मिट्टी हटाया गया, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी. तीनों मजदूरों को को मृत निकाला गया.

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मृतकों में कौन-कौन?

मृत मजदूरों में इटको निवासी अर्जुन सिंह (32वर्ष) व कंडा निवासी सुकन भुईयां (20वर्ष) एवं रबदा पंचायत के खामडीहा निवासी सुर्गेश राम (22वर्ष) हैं. उनके शव के गांव लाने की तैयारी चल रही है. शव महाराष्ट्र के औरंगाबाद पहुंचा है. कल उनका शव गांव पहुंचेगा.

गांव में शोक की लहर

घटना के बाद से प्रभावित परिवारों के साथ-साथ गांव में शोक की लहर है. हर कोई इस अनहोनी से जहां हतप्रभ है, वहीं पीड़ित परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है.

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