
Ranchi: कैबिनेट की बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ा दिया गया. इसके तहत पांच सौ रूपये सेविकाओं के मानदेय में और 250 रूपये सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ा दिया गया है. सरकार की ओर से बढ़ाये गये मानदेय के प्रति आगंनबाड़ी बहनों में काफी आक्रोश है.
संघ पहले से न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रही थी. ऐसे में कैबिनेट की ओर से पांच सौ और ढाई सौ बढ़ाये जाने से आंगनबाड़ी सेविकाओं में काफी आक्रोश है. राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकूंद सिन्हा ने कहा कि चुनाव के पहले सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को सिर्फ फुसलाने का काम किया है.
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पांच सौ में समर्थन पाने की कोशिश कर रही सरकार
न्यूनतम मजदूरी की मांग संघ की ओर से की जा रही थी. संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि पांच सौ और ढाई सौ बढ़ा कर सरकार चुनाव में हमारा समर्थन प्राप्त करने की कोशिश न करें. इस चुनाव में आंगनबाड़ी बहनें सरकार का साथ नहीं देने वाली. क्योंकि अब तक सबसे अधिक आंदोलन संघ की ओर से इसी सरकार के कार्यकाल में किया गया. लेकिन सरकार ने कोई सकरात्मक पहल नहीं की.
24 अक्टूबर को हुई बैठक में ही जानकारी दे दी गयी थी
गौरतलब है कि संघ के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत कल्याण सचिव अभिताभ कौशल के साथ हुई थी. जिसमें संघ को जानकारी दी गयी थी कि सरकार सेविकाओं के पांच सौ और सहायिकाओं के ढाई सौ बढ़ाने वाली है. जिसमें संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आपत्ति भी जतायी थी.
इसके पहले विभाग की ओर से आंगनबाड़ी बहनों की मांगों के लिये उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी किया गया. जिसमें विभागीय सचिव, वित्त सचिव और विकास आयुक्त भी शामिल है. आंदोलन के क्रम में संघ ने अपनी मांगों से उच्च स्तरीय कमेटी को अवगत कराया था.
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वहीं 16 अक्टूबर को कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी से भी मुलाकात की. जिसमें मंत्री ने सकारात्मक निर्णय लिये जाने की बात कहीं थी. कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकूंद सिन्हा ने कहा कि इसके बाद भी सरकार ने चुनाव को देखते हुए आंगनबाड़ी बहनों के लिये निर्णय लिया.
सेविका को 64,00 और सहायिका को 3200 मिलेंगे
कैबिनेट के फैसले के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं को 6400 रूपये मिलेंगे और सहायिकाओं को 3200 मिलेंगे. फिलहाल सेविकाओं को 5900 रूपये मिलते हैं. जिसमें केंद्र कि ओर से 4500 और राज्य की ओर से 1400 रूपये हैं. अब राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले 1400 में अतिरिक्ति चार सौ जोड़ा जायेगा.
वहीं सहायिकाओं को 2950 की जगह अब 3200 रूपये मिलेंगे. इसमें केंद्र सरकार की ओर से 2250 और राज्य सरकार की ओर से 700 रूपये दिये जाते हैं.
फिलहाल कैबिनेट की ओर से यह नहीं बताया गया है कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को कब से बढ़ी हुई मानदेय का लाभ मिलेगा. इसमें सिर्फ अप्रैल माह बताया गया है. संघ के अध्यक्ष बालमुकूंद सिन्हा ने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि कब से मानदेय बढ़ोतरी का लाभ सेविकाओं और सहायिकाओं को मिलेगा. ऐसे में काफी संशय है. राज्य में आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं की कुल संख्या लगभग 88 हजार है.
पांच नवंबर को होगी राज्य स्तरीय बैठक
सरकार के फैसले के विरोध में संघ की ओर से राज्यस्तरीय बैठक पांच नवंबर को की जायेगी. अध्यक्ष वीणा सिन्हा ने कहा कि बैठक में आगे की रणनीति तय की जायेगी. सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को छलने का काम किया है.
याद दिला दें कि 21 अगस्त से संघ की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल दी गयी. आंदोलन लगभग 45 दिनों तक चला. जिसमें महिलाओं को काफी परेशानी हुई. इसके पहले साल 2018 में संघ की ओर से लगभग 32 दिनों तक आंदोलन किया गया. संघ की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मजदूरी, वेतनमान लागू करना है.
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