
Bokaro : राष्ट्रीय खेल दिवस और सर दोराबजी टाटा की 159वीं जयंती को मनाते हुए टाटा स्टील वेस्ट बोकारो के खेल विभाग की ओर से इंटर-फीडर सेंटर आर्चरी चैंपियनशिप -2018 का आयोजन किया गया. इस चैंपियनशिप का उद्घाटन साहबजी कुचरू, चीफ़ ऑपरेशंस, टाटा स्टील (वेस्ट बोकारो) ने किया.चैंपियनशिप में वेस्ट बोकारो और झरिया डिविजन के फीडर सेंटर से 27 खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया. दिनभर चले इस चैंपियनशिप में वेस्ट बोकारो के फीडर सेंटर ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि झरिया फीडर सेंटर को दूसरा स्थान मिला. वहीं इस चैंपियनशिप के समापन के अवसर पर वहां मौजूद अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया.
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इस दौरान वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कुचरू ने कहा कि टाटा स्टील में खेल को एक जीवन शैली के रूप में माना जाता है. सर दोराबजी टाटा ने ना सिर्फ टाटा स्टील के लिए भौतिक नींव रखी, बल्कि भारतीय खेलों में एक महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई. अपने प्रारंभिक वर्षों में सर दोराबजी टाटा भारतीय ओलंपिक संघ के पहले अध्यक्ष थे. उन्होंने 1 9 20 में एंटवर्प ओलंपिक खेलों के लिए चार एथलीटों और दो पहलवानों को चुनकर उनका सारा खर्च वहन किया और भारत को पहली बार अंतरराष्ट्रीय खेल की दुनिया में प्रवेश कराया. साथ ही कहा कि मेजर ध्यानचंद दिन में काम पर जाते थे और रात में कड़ी अभ्यास करते थे. इस तरह से समर्पण ही सफलता का मार्ग है.
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मौके पर ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर विजेताओं को बधाई देते हुए श्रीमती महतो ने कहा कि वेस्ट बोकारो से कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी उभरे हैं. साथ ही कहा कि कठिन परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है. इस चैंपियनशिप का आयोजन हेड एडमिनिस्ट्रेशन टाटा स्टील (वेस्ट बोकारो) कुमार विक्रम की अध्यक्षता में किया गया था. इस अवसर पर टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी और यूनियन पदाधिकारी उपस्थित थे.
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वहीं कार्यक्रम के उद्घाटन के वक्त मोहन महतो, अध्यक्ष, राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ, द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित पुर्णिमा महतो, कोच टाटा आर्चरी अकादमी, बी वी सुधीर कुमार, चीफ़, कोल बेनिफिशिएशन, टाटा स्टील (वेस्ट बोकारो)और टाटा डीएवी की प्रिंसिपल किरण यादव मौजूद थीं.




