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पलामू डीसी का आदेश: तंबाकू और उससे बने उत्पादों पूर्ण प्रतिबंध, थूकते हुए पकड़े गये तो होगी कार्रवाई

Palamu: कोरोना वायरस जैसी महामारी के संक्रमण और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पलामू जिला में तंबाकू के अलावा अन्य तंबाकू उत्पादों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस प्रतिबंध से सार्वजनिक स्वास्थ्य को दुरूस्त करने में भी बल मिलेगा.

उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर जिले में तंबाकू और उससे बने उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जिले के सभी सरकारी-गैर-सरकारी कार्यालय एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा, पान मसाला और जर्दा का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है.

उपायुक्त ने कहा है कि तंबाकू का सेवन जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है. थूकना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है और संक्रामक रोगों के फैलने का एक प्रमुख कारण भी है. तंबाकू सेवन करने वालों की प्रवृति कहीं भी थूकने की होती है.

थूकने की वजह से कई गंभीर बीमारियां जैसे- कोरोना (कोविड-19), इन्सेफलाईटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने का खतरा रहता है. तंबाकू सेवन करने वाले लोग गंदगी फैलाकर वातावरण को दूषित करते हैं, जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की संभावना रहती है. इसलिए जिले में किसी भी प्रकार के तंबाकू पदार्थ का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है.

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तंबाकू पर रोक से वातावरण होगा स्वच्छ

उन्होंने कहा है कि तंबाकू सेवन पर रोक के बाद ही वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग मिलेगा. साथ ही यह कदम राज्य सरकार के कोरोना वायरस (कोविड-19) जैसी महामारी से बचाने तथा स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत अभियान में अहम योगदान होने के साथ ही जन स्वास्थ्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा.

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी पदाधिकारी, कर्मचारी या आगंतुक इस नियम का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी.

छह माह का कारवास या दो सौ रूपये तक का जुर्माना

भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 268 या 269 के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि ऐसा विधि विरूद्ध अथवा उपेक्षापूर्ण कार्य करेगा, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभव हो तो, उस व्यक्ति को छह माह का कारावास अथवा 200 रूपये तक का जुर्माना से दंडित किया जा सकता है.

कोटपा के तहत भी होगी कार्रवाई

सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादन अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा-4 के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है. प्रतिबंधित स्थलों पर धूम्रमान निषेध का उल्लंघन करने पर दो सौ रूपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है.

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