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JPSC PT परीक्षा  रद्द करने की मांग को ले विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, विधायकों ने वेल में जाकर की नारेबाजी

Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र की आज सोमवार को कार्यवाही शुरू हुई. जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया .विपक्ष के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. विधायक JPSC PT परीक्षा  रद्द करने की मांग कर रहे थे. विपक्ष के विधायक हेमंत सरकार हाय हाय के नारे लगा रहे थे.

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विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू

हंगामे को शांत करने के लिए स्पीकर रबिंद्र नाथ महतो ने कहा कि हंगामे के कारण आपलोगों का विधानसभा आना निरर्थक है. जिस विषय को लेकर वेल में है वह सदन में आ चुका है. स्पीकर रबिंद्र नाथ महतो ने विपक्ष के विधायकों से अपील की कि वे अनावश्यक सदन का कामकाज बाधित नहीं करें.इसी बीच कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला भी वेल में आ गए. स्पीकर ने उन्हें आसान पर बैठने का निर्देश दिया.

विधानसभा स्पीकर रबिन्द्र नाथ महतो के आग्रह के बावजूद मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के विधायक वेल में हंगामा कर रहे हैं. जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने और जेपीएससी के चैयरमैन अमिताभ चौधरी को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं.

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सुदेश महतो और अमर बाउरी बोले, सदन में जेपीएससी पर बोलें CM

आजसू विधायक सुदेश महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बाहर में जेपीएससी पर बयान दे रहे हैं. राज्य के लिए अभी सबसे बड़ा मुद्दा जेपीएससी और इसमें हुई गड़बड़ियां हैं. छात्रों के सवाल अधूरे हैं. अभी विधानसभा का सत्र भी चल रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री को सदन के अंदर जेपीएससी पर बयान देना चाहिए.

अमर बाउरी ने भी स्पीकर से यह मांग की. विपक्ष के विधायक स्पीकर पर यह दवाब बना रहे थे कि मुख्यमंत्री को सदन में बुलाकर उनसे जेपीएससी पर बयान कराया जाए. इस दौरान मुख्यमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे.

झारखंड के लोगों को बाहर का बताया जाना शर्मनाक

भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने मुख्यमंत्री के उस बयान का विरोध किया जिसमें हेमंत सोरेन ने कहा था कि जेपीएससी का विरोध करने वाले बाहरी हैं. भानु ने सदन में कहा कि यह शर्मनाक है. न्याय के लिए सड़क पर बैठे छात्र झारखंड के हैं.

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