
Kolkata: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ बुधवार को संशोधित नागरिकता अधिनियम के खिलाफ तीसरे दिन राजधानी से सटे हावड़ा मैदान से धर्मतल्ला डोरिना क्रॉसिंग तक पदयात्रा की.
मुख्यमंत्री ने हिंदी में भाषण दिया. ममता ने चेतावनी दी है कि वह नागरिकता संशोधित कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ अब दिल्ली और पंजाब में भी आंदोलन करेंगी.
तृणमूल कांग्रेस जल्द ही दोनों राज्यों में सभा करेगी. मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अमित शाह के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने पूरे देश में नागरिकता अधिनियम लागू करने की चेतावनी दी है.
ममता ने कहा, “अमित शाह आप केवल एक पार्टी के अध्यक्ष नहीं बल्कि देश के गृहमंत्री हैं. आपका काम आग लगाना नहीं बल्कि बुझाना है. देश में शांति बहाली के लिए इस विवादित कानून को वापस लीजिये.”
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देखूंगी बंगाल में कैसे लागू करते हैं
ममता ने कहा, ‘मैं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह सुनिश्चित करने की गुजारिश करती हूं कि देश संशोधित नागरिकता कानून की आग में न जले. आप ने ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ नहीं बल्कि ‘सबके साथ सर्वनाश’ किया है.
नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी को वापस लें, वरना मैं देखूंगी कि आप इसे पश्चिम बंगाल में कैसे लागू करते हैं. हमलोग बंगाल में कभी भी एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून की इजाजत नहीं देंगे.
किसी को भी राज्य छोड़ने के लिए नहीं कहा जायेगा. हमलोग सभी धर्मों, जातियों और नस्लों के साथ मिलजुलकर रहने में यकीन करते हैं. हम सभी इस देश के नागरिक हैं और कोई भी हमें यहां से निकाल नहीं सकता.’
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार जानबूझकर बंगाल में रेल सेवा बहाल नहीं कर रही है ताकि लोग परेशानी में पड़ें. मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि पूरे राज्य में आंदोलन थम गया है फिर भी रेलवे ट्रेनों को नहीं चला रहा है.
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