
Koderma: शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में केंद्रीय मंत्री सह सांसद कोडरमा अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई. बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गयी. साथ ही पूर्व के बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के सम्बंध में बिंदुवार समीक्षा कर विचार-विमर्श किया गया. इस दौरान योजनाओं के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति व क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई. वहीं पेयजल विभाग समेत अन्य विभागों के टालमटोल रवैये के कारण कुछ अधिकारियों को फटकार भी लगी. बैठक के दौरान जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने निर्देशित किया कि विभाग योजना की स्वीकृति के साथ उसके गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. सरकार की योजनाओं को सही तरीके से क्रियान्वयन करें. उन्होंने कहा कि मूल रूप से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने के बाद ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा सकता है. जिले में पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए कार्य करें. वंचित लाभुकों तक सरकार की योजनाओं का पहुंचायें. इस दौरान उप विकास आयुक्त ऋतुराज ने मनरेगा अंतर्गत चालू योजनाओं व सभी अन्य योजनाओं की जानकारी दी. जलापूर्ति योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि उपायुक्त के द्वारा एक टीम गठित कर जलापूर्ति योजना के तहत जितनी भी योजनाएं संचालित है, उनका सतत् पर्यवेक्षण सुनिश्चित कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि कमेटी में पेयजल एवं स्वच्छता विभागों के पदाधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. जिस जलापूर्ति योजना का कार्य पूरा हो गया है, उन योजनाओं से नियमित रूप से पानी की सप्लाई करें. आमजनों को नियमित रूप से पानी की सुविधा उपलब्ध हो. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पथ निर्माण विभाग व लघु सिंचाई विभाग से संबंधित सड़क व अन्य संरचनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक कमेटी का गठन करने और इसकी जांच कराने का निर्देश दिया गया ताकि योजनाओं के निर्माण में पारदर्शिता बरती जाए एवं इसके गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना सुनिश्चित किया जा सके. विद्युत विभाग से संबंधित कई शिकायतें आ रही हैं, इन शिकायतों को त्वरित निपटाएं. बैठक में सभी विभागों की समीक्षा की गई समीक्षा के उपरांत सभी विभाग के संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरतने व गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. बैठक में विधायक डॉ नीरा यादव ने 13 सहायक प्राध्यापकों को सेवा से हटाने का मामला रखा और कहा कि एक ही तरह के मामले में अलग जिलों में अलग मापदंड अपनाया जा रहा है. इससे 20 साल से भी अधिक समय तक सेवा दे चुके लोग बेरोजगार हो गए हैं. विधायक बरही मनोज यादव, विधायक बरकट्ठा अमित यादव व जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न मुद्दों पर सवाल रखे. सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता, दाखिल खारिज रिजेक्शन, पेयजल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत लंबित पेंशन भुगतान, अंचल कार्यालय से संबंधित मामले, शौचालय, शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने, धान अधिप्राप्ति, मेधा छात्रवृत्ति, एन.एच सड़क निर्माण व सुरक्षा, जलापूर्ति योजना, विद्यालय में पोषक वितरण की गुणवत्ता समेत कई बिंदुओं पर सवाल सामने आए. मंत्री ने विद्यालय में पोषक वितरण की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया. बैठक में उपरोक्त के अलावा जिला परिषद अध्यक्ष, सभी प्रखंडों के प्रमुख व अन्य संबंधित जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन की तरफ से उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कोषागार पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक,जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, डीपीएम, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, एलडीएम, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.




