
Ranchi : झारखंड के उत्पाद को प्रोत्साहित करने व किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है। अब राज्य में सरकारी बैठकों व समारोहों में झारखंड के दुग्ध उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि विभाग ने इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सरकार का अपना मेधा दूध ब्रांड को प्रचारित व प्रसारित करेगी। इसी ब्रांड के लस्सी व छाछ लोगों को कोल्ड ड्रिंक की जगह उपलब्ध कराया जाए। इससे लोगों को शुद्ध चीज पीने को मिलने के साथ ही कोविड संक्रमण के बीच लोगों की सेहत भी दुरुस्त रहेगी। जो भी सरकारी समारोह में हाई टी में स्नैक्स परोसा जाता है उसकी जगह लस्सी, छाछ के साथ-साथ मिठाई, पेड़ा व खीर का विकल्प रखा जा सकता है।
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सभी विभागों को पत्र जारी करने की तैयारी
सरकार इसे लेकर सभी विभागों को पत्र जारी करने की तैयारी में है । विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि यह राज्य के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद है। इसे आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों में सरकार अपने उत्पाद के प्रचार-प्रसार के लिए हर तरह के कदम उठाती है। इसी तरह अब झारखंड में भी मेधा डेयरी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। यहां के जो कृषक पशुपालन से जुड़े हैं उन्हें अधिक से अधिक सुविधा मुहैया करायी जा रही है। उनके उत्पाद की ब्रांडिंग की जा रही है ताकि उनसे अधिक से अधिक उत्पाद की खरीद हो सके।
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सूबे में करीब 30 हजार कृषक जुड़े हैं पशुपालन से
राज्य में करीब 30 हजार कृषक हर दिन दूध की बिक्री करते हैं, इनकी आजिविका इसी के माध्यम से चलती है। इस योजना को कारगर बनाने की दिशा में झारखंड मिल्क फेडरेषन को भी दिशा-’निर्देश दिया गया है कि वे आयोजन के हिसाब से अपने उत्पाद की मात्रा पहले से ही स्टॉक में रखें और जरूरत पड़ने पर हाईजिन तरीके से जगह पर पहुंचाया जाए।
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