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#NirbhayaCase: दोषी मुकेश के बचने के सभी रास्ते बंद, राष्ट्रपति ने खारिज की दया याचिका

NewDelhi : निर्भया केस में हर दिन नया मोड़ आ रहा है. लोगों का बस यही सवाल है कि आखिर चारों दोषियों को फांसी कब दी जायेगी. हालांकि कुछ पेंच अभी भी फंसा हुआ है. वहीं इस केस के दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी मुकेश की मर्सी पिटिशन को खारिज कर दिया है और उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखने की सिफारिश की है. दरअसल  गृह मंत्रालय ने मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी थी. गौरतलब है कि आज ही डेथ वारंट पर कोर्ट में सुनवाई भी होनी है.

दरअसल दोषी मुकेश ने 14 जनवरी को क्यूरेटिव पिटिशन के सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद राष्ट्रपति से दया की गुहार लगाई थी. लेकिन अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मुकेश की याचिका खारिज कर दी है.

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तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी की

तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी कर ली है. चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाने के लिए तिहाड़ जेल में करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक नया फांसी घर तैयार किया गया है. तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने भी कहा था कि एक साथ अब चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी देने की व्यवस्था कर ली गयी है. अदालत के आदेश के बाद जेल स्तर पर फांसी देने में किसी तरह की देरी नहीं होगी.

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क्या है मामला

याद दिला दें कि 16 दिसंबर, 2012 को निर्भया अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर घर लौट रही थी. दोनों पश्चिम दिल्ली के पास एक प्राइवेट बस में सवार हुए. बस में 6 लोग मौजूद थे.

जिन्होंने चलती बस में निर्भया से गैंगरेप किया और हैवानियत की हर हद को पार कर दिया. निर्भया ने अस्पताल में कई दिनों तक मौत से जंग लड़ी लेकिन 29 दिसंबर को वह जिंदगी की जंग हार गयी.

 

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