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#Nirbhaya_Case: दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन SC ने की खारिज, फांसी में अब भी पेंच

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप केस में दोषी पवन कुमार गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन सोमवार को खारिज की. पवन समेत चार दोषियों को इस मामले में मौत की सजा सुनायी गई है.

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न्यायमूर्ति एन वी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कहा दोषी की दोषसिद्धि और सजा की पुन: समीक्षा का कोई मामला नहीं बनता. पीठ के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण हैं. अब सबकी निगाहें पटियाला हाउस कोर्ट पर है.

इसके साथ ही चारों दोषियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति जानने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को निर्देश देने की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई. इस पर भी सोमवार को सुनवाई हो सकती है. इसके अलावा फांसी पर स्टे की मांग वाली अर्जी पर भी सुनवाई होगी.

पवन के पास एक और विकल्प बाकी

चार दोषियों में से पवन कुमार ही एक मात्र दोषी है, जिसके पास अभी कुछ कानूनी विकल्प बचा था. इसमें क्यूरेटिव पिटीशन तो खारिज हो गया है. अब केवल दया याचिका का विकल्प बचा है.

पवन के वकील एपी सिंह ने कहा कि अब हम राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करेंगे. अगर पवन दया याचिका दायर करता है तो इस वजह से फांसी फिर से टल सकती है.

सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के अलावा सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में भी निर्भया केस में दोषियों की अर्जी पर सुनवाई होनी है. दरअसल, दोषी अक्षय और पवन ने कोर्ट में भी अर्जी लगाई, जिसमें डेथ वारंट पर स्टे लगाने की मांग की गई है.

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कोर्ट में निर्भया के दोषी पवन ने दलील दी कि उसने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन लगायी है. लिहाजा उसकी फांसी की सजा पर रोक लगायी जाये. पटियाला हाउस कोर्ट फांसी पर स्टे की अर्जी पर सुनवाई होगी.

तीसरी बार जारी हुआ है डेथ वारंट

बता दें कि निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा को लेकर तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दो बार डेथ वारंट जारी किया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण दोनों बार इसे कैंसिल कर दिया गया है. अब तीसरे डेथ वारंट के अनुसार, निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दी जानी है.

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