
New Delhi: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. जहां देश की सर्वोच्च अदालत ने इसे बड़ी बेंच को सौंपे जाने से इनकार किया. यह मामला बड़ी बेंच में नहीं जाएगा.
Supreme Court refuse to refer to a larger bench a batch of pleas, challenging the constitutional validity of Centre’s 5th August 2019 decision of abrogating provisions of Article 370. pic.twitter.com/5fXTRDBRcZ
— ANI (@ANI) March 2, 2020
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने के सरकार के निर्णय की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सात न्यायाधीशों की वृहद पीठ के पास भेजने का कोई कारण नहीं है.
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न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने यह फैसला सुनाया. जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत के संविधान पीठ ने ये फैसला सुनाया है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले पर 23 याचिकाओं पर सुनवाई होनी है.
दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने पांच जजों के संविधान पीठ के दो अलग- अलग और विरोधाभासी फैसलों का हवाला देकर मामले क बड़ी बेंच को भेजे जाने की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी बेंच को भेजे जाने के मुद्दे पर 23 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
बता दें कि केंद्र सरकार ने याचिकाओं का विरोध किया है. केंद्र ने अपनी दलील में कहा है कि जम्मू-कश्मीर के हालात में बदलाव के लिए अनुच्छेद 370 हटाना ही एकमात्र विकल्प था.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द करने का फैसला किया था.
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