न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#NewTrafficRule पीयूसी केंद्र में लोगों की लम्बी कतार, वर्दी का रौब दिखा पुलिस कर्मी ने पहले बनवाया सर्टिफिकेट

1,073

Ranchi: नये ट्रैफिक नियम की हर ओर चर्चा है. भारी भरकम फाइन की राशि से हर आम व खास परेशान हैं. जाहिर है, चालान की भारी राशि से बचने के लिए लोग अपने गाड़ी के पेपर अपडेट करने में जुटे हैं. फिर चाहे वो ड्राइविंग लाइसेंस हो, गाड़ी का इंश्योरेंस या फिर पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट.

डीएल बनवाना हो या वाहन प्रदूषण जांच केंद्र से गाड़ी के लिए सर्टिफिकेट लेना, हर जगर लोगों की लम्बी कतार हैं. और घंटों लाइन में लगकर लोग अपने पेपर बनवा रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः#Chandrayaan2: सॉफ्ट लैंडिंग से 2.1 किमी पहले टूटा संपर्क, चांद पर नहीं पहुंच सका विक्रम

वाहन प्रदूषण जांच केंद्र के बाहर भीड़

ऐसा ही कुछ नजारा कडरू स्थित भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर भी देखने को मिल रहा है. जहां के वाहन प्रदूषण जांच केंद्र में लोगों की लम्बी कतार है.

वर्दी का रौब जमा पहले सर्टिफिकेट बनवाते पुलिस कर्मी

लेकिन इस दौरान झारखंड पुलिस के एक कर्मी अपनी वर्दी का रौब दिखाना नहीं भूल. लोग जहां घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. वहीं इस पुलिस वाले का नबंर 90 था.लेकिन उन्होंने पहले सर्टिफिकेट बनवा लिया.

दरअसल, लोग अपनी गाड़ी का नबंर लगाकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं. जिसमें इस खाकी वाले साहब का नबंर 90वां था.

Related Posts

हेमंत सोरेन के एक लीगल नोटिस के बदले 10 लीगल नोटिस भेजेगी भाजपा : प्रतुल शाहदेव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के द्वारा मुख्यमंत्री रघुवर दास को लीगल नोटिस भेजे जाने की बात को हास्यास्पद बताया.

इसे भी पढ़ेंःरांचीः पति-पत्नी की गला रेत कर हत्या, वारदात के बाद घर पर लगाया ताला

PUCC बनवा कर निकलते पुलिस कर्मी

लेकिन पुलिस कर्मी ने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए पहले ही पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट बनवा लिया और चलते बने. जबकि बाकी लोग कतार में खड़े अपनी बारी का इंतजार ही कर रहे हैं.

अब सवाल ये उठता है कि जिन लोगों पर विधि-व्यवस्था को बनाये रखने की जिम्मेवारी है, वहीं अगर इस तरह की मनमानी करेंगे तो आम आदमी कहां जायेगा.

पुलिस कर्मी की बाइक

एक ओर पुलिस, सरकारी अधिकारी से दोगुना फाइन वसूलने का प्रावधान कर सरकार उन्हें उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाना चाहती है, वहीं एक पुलिस कर्मी का ऐसा व्यवहार कहीं से उचित नहीं है.

इसे भी पढ़ेंःढुल्लू के लोग यौन शोषण पीड़िता को खुलेआम दे रहे धमकियां, बेटे को स्कूल जाने में भी कर रहे परेशान

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है कि हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें. आप हर दिन 10 रूपये से लेकर अधिकतम मासिक 5000 रूपये तक की मदद कर सकते है.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें. –
%d bloggers like this: