Opinion

#NewTrafficRule वाह-वाह करते-करते, आह-आह करने लगे

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Surjit Singh

नोटबंदी याद होगी. आपके पास हजारों रुपये हैं. पर, उसका कोई मूल्य नहीं. बैंक में लाइन लगिये. पैसे जमा करिये. फिर पैसे निकालने के लिए एटीएम के सामने लाइन लगिये. उद्योग-धंधे तबाह हो गए. करोड़ों लोग बेरोजगार हो गये. सब हो रहा था देशभक्ति की आड़ में. इसलिए सबने खूब ताली बजायी.

जीएसटी लगा. जीएसटी लगाने का तरीका ऐसा कि अब तक सैंकड़ों संशोधन किये गये. फिर भी हालात नहीं सुधर रहें. जीएसटी लागू होने के बाद मोदी सरकार की वाह-वाह करने वाले व्यापारी अब आह-आह कर रहे हैं. पर, विरोध में नहीं बोल सकते. ताली बजाने की मजबूरी है.

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घर के बाहर फोर्स, सड़क पर फोर्स. दुकानें बंद. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद. इंटरनेट बंद. मोबाईल फोन बंद. लैंड लाइन फोन बंद. धारा 370 व 35A हटाना है. आपके भविष्य का फैसला. आप ही देश-दुनिया से कट कर घर में बंद. जम्मू कश्मीर में जो हुआ. उसका निचोड़ यही है. हम ताली बजाते रहे.

फिर, एनआइए को अतिरिक्त शक्तियां दी गईं. देशभक्ति व राष्ट्रवाद की आड़ में. हमने खूब ताली बजायी. लोग नहीं समझ सकें. देशभक्ति और राष्ट्रवाद की आड़ में सरकार लोगों का टेस्ट ले रही थी. जिसमें वह पास हो गये.

टेस्ट ले रही थी कि देश की जनता कितना नुकसान झेल सकती है. कितना सहनशील बन सकती है. सभी टेस्ट में सरकार पास हो गई.

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सरकार ने पुलिस को निरंकुश शक्तियां देनी शुरु की. क्योंकि अंततः आक्रोश को कुचलने के लिए पुलिस का ही इस्तेमाल किया जाना है. RTI भ्रष्टाचार को रोकने का हथियार बना था. मनमोहन सिंह सरकार ने इसे लागू किया था. मोदी सरकार ने कमजोर बना दिया. हमने कोई विरोध नहीं किया. ताली बजाते रहे.

तब, एक सितंबर से देश भर में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ. बिना हेलमेट चलने, प्रदूषण लाइसेंस न होने, सिग्नल पार करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने समेत अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए हजारों रुपये जुर्माना वसूलने का कानून लागू किया गया.

ट्रैफिक पुलिस को इतने अधिकार दे दिए गए हैं कि वह कभी भी किसी को कम-से-कम 500 रुपया का फाइन कर सकता है.
अब आगे तैयार रहिये. अपने घरों में खुद को कैद करने के लिये. निरंकुश सरकारी फरमान को मानने के लिए.

विरोध करने पर आपको कहा जा सकता है, भई कानून का पालन करिये और खुश रहिए. बेतुके तर्क दिए जायेंगे, सड़क दुर्धटना में हर साल कितने लोग मरते हैं. पर, यह नहीं बतायेंगे कि बीमारी, भुखमरी से कितने लोग मरते हैं. उसके लिए कड़े कानून क्यों नहीं बनते.

हमें क्या-क्या झेलना पड़ सकता है. यह लोगों को पता भी नहीं है. अभी कुछ दिन पहले ही स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले रांची के एसडीओ ने एक आदेश जारी किया है. राजधानी रांची में आप उन जगहों पर धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते.

जहां पर वर्षों से करते आये हैं. सरकार ने आदेश जारी किया है. हाई कोर्ट, राजभवन, सीएम हाउस, नेपाल हाउस, विधानसभा, प्रोजेक्ट बिल्डिंग के 100 से 750 मीटर के रेडियस में निषेधाज्ञा लागू कर दिया है. मतलब एक साथ पांच लोग जमा नहीं हो सकते. धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते. लॉउडस्पीकर नहीं बजा सकते.

आदेश एक-दो दिन या हफ्ते के लिए नहीं है. दो माह के लिए है. ऐसा कहा जा रहा है चुनाव के मद्देनजर विधि-व्यवस्था के बहाने यह आदेश जारी किया गया है. शायद इतने लंबे वक्त के लिए पहली बार ऐसा आदेश निकला है.

इस आदेश का विरोध तो छोड़िये, कोई यह भी नहीं पूछ रहा है कि आखिर लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन करने पर रोक क्यों? कहीं सरकार हमारी स्वतंत्रता का हनन तो नहीं कर रही.

अब तक हमने क्या-क्या झेलना और स्वीकार करना सीख लिया है. भीड़ एक आदमी को घेर कर पिटती रहती है, हम विरोध नहीं करते. बचाने के लिए खड़े नहीं होते.

मॉब लिंचिंग के आरोपियों का मंत्री स्वागत करते हैं. हम चुप रहते. उन्हें रिकॉर्ड मतों से दोबारा जिताते हैं. नोटबंदी जैसे आत्मघाती फैसले (जिसका असर अब सबके सामने है) को झेल लिया. ना आतंकवाद खत्म हुआ, ना भ्रष्टाचार. ना ही किसी फकीर को चौराहे पर सजा दी.

देश के विभिन्न हिस्सों से खबर आती है मोबाईल सेवा-इंटरनेट बंद कर दिया गया. हम चुपचाप सहन कर लेते हैं. जिस सरकार को देश की आर्थिक हालात ठीक करने में जुटना चाहिए, वह लोगों को देशभक्त-आतंकपरस्त घोषित करने में व्यस्त है. और हम बेरोजगारी, गरीबी, कुपोषण को भूल कर ताली बजा रहे हैं.

पर, वह दिन दूर नहीं जब, हम भी प्रयोग का एक हिस्सा होंगे. ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर जुर्माने का नया नियम तो बस एक टेस्ट भर है. फिर आगे ऐसे हालात बनेंगे, जब आपके मोबाइल बेकार हो जायेंगे. गाड़ी है, पर सड़क पर नहीं निकल सकते.

घर से निकलने पर पहरा होगा. सड़क पर फोर्स होगी. और तब देश के किसी दूसरे हिस्से के लोग ताली बजी रहे होंगे. शायद उस वक्त हमें अपनी स्वतंत्रता की कीमत समझ में आयेगी.

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लेखक न्यूज विंग के संपादक है . इस टिप्पणी पर किसी भी तरह का कमेंट आप हमें 7360005358 पर वाट्सएप कर सकते हैं..

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