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NewsWing Special : पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी और अन्य मदों में लूट का बड़ा खेल, केंद्र बिंदु हैं विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता

मनोहरपुर में दिकपोंगा नदी पर बिना स्थल निरीक्षण के बना दिया पुल का एस्टीमेट, जरूरत पांच स्पैन की थी, प्रावधान किया दो का

Chaibasa  : पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी और अन्य मदों के होने वाले कार्यों में  लूट और अनियमितता का बड़ा खेल चल रहा है.  इसका केंद्र बिंदु हैं ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, चाईबासा के कार्यपालक अभियंता. ये दूसरे विभाग के एक कनीय अभियंता के साथ मिल कर गड़बड़ियों को अंजाम देने में लगे हैं. विभाग में चर्चा है कि कार्यपालक अभियंता को जिले से सत्तारूढ़ दल के एक विधायक का वरदहस्त है. इसलिए उनका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता. आरोप है कि अपने विभाग में अभियंताओं के रहते कार्यपालक अभियंता शिक्षा विभाग में अनुबंध पर कार्यरत एक कनीय अभियंता सुशांत कुमार सुमन पर अधिक मेहरबान हैं. बिना प्रतिनियुक्ति के उनसे काम ले रहे हैं और एस्टीमेट बनवा रहे हैं. इन दोनों की मिलीभगत से होने वाली गड़बड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण मनोहरपुर क्षेत्र में छोटानागरा के दिकपोंगा में नदी पर बनने वाला पुल है. इस पुल का एस्टीमेट सुमन ने तैयार किया है. लूट के खेल में लगे कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और एस्टीमेट बनाने वाले कनीय अभियंता ने इसके लिए स्थल निरीक्षण करने की जरूरत भी नहीं समझी. योजना पास हो गयी और निविदा भी हो गयी. मजे की बात है कि नदी पर कम से कम 5 स्पैन वाले पुल की जरूरत है और 2 स्पैन वाले पुल की निविदा हुई है. इस 2 स्पैन वाले पुल से नदी कवर ही नहीं होगी.  ठेकेदार पुल कहां और कैसे बनायेगा.

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कनीय अभियंता सुमन की एसपी भी कर चुके हैं शिकायत

जिले के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र गोइलकेरा थाना के आराहासा पिकेट में फॉल सीलिंग के साथ (16’x64) दो बैरक सहित किचन,
डायनिग हॉल, रिक्रियेशन रूम (16’x641) एक हैलीपैड  एवं पैरामीटर लाईट के निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता के लिए कनीय अभियंता सुमन जिम्मेवार थे. इसे लेकर पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने भी शिकायत की थी. जांच के क्रम में झालको के अवर प्रमंडल पदाधिकारी ने जांच की थी. उन्होंने पाया था कि सुमन ने काम के पर्यवेक्षण में लापरवाही बरती थी. इसलिए तत्काल प्रभाव
से प्रभारी कनीय अभियंता सुशांत कुमार सुमन को पुलिस अधीक्षक ने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस पिकेट संबंधित कार्यान्वित होने वाले सभी तरह के कार्यों से हटा दिया था. उन पर अग्रेतर कार्रवाई अलग से की जानी थी, जो नहीं हुई.

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