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NEWSWING INTERVIEW: जगरनाथ ने चंद्रप्रकाश को दी नसीहत, कहा- रामगढ़ वापस जाना होगा (देखें पूरा INTERVIEW)

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Akshay Kumar Jha
Bhandaridah/Bokaro : गिरिडीह लोकसभा से जेएमएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे जगरनाथ महतो ने चुनाव को लेकर न्यूज विंग को Exclusive इंटरव्यू दिया. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि राहुल गांधी पीएम होंगे यह अभी यूपीए ने तय नहीं किया है. साथ ही उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी चंद्रप्रकाश चौधरी को नसीहत दी है कि उन्हें वापस रामगढ़ जाना होगा. गिरिडीह में उनके लिए कोई जगह नहीं है. पढें और देखें जगरनाथ महतो का पूरा इंटरव्यू.

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सवालः क्या टिकट मिलने में देर हुई ?
जवाबः एकदम सही समय पर टिकट मिला है. देर कहां हुई. अभी तो नामांकन भी शुरू नहीं हुआ है. अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है जेएमएम को टिकट काफी एंडवांस मिला है.

सवालः क्या टिकट लेने में किसी तरह की कोई राजनीति कहीं हुई ?
जवाबः टिकट लेने में कहीं किसी तरह की कोई राजनीति नहीं हुई है. मैं पहले ही बोल चुका था कि जगरनाथ महतो को टिकट मिलेगा. गुरू से जगरनाथ महतो जितना नजदीक है, उतना कोई नहीं है.

सवालः चुनाव मैदान में दो महतो उम्मीदवार हैं ?
जवाबः कितना महतो आएगा. महतो-महतो में फर्क है ना. सभी महतो एक ही होते हैं क्या. ऐसा नहीं है. महतो से मतलब नहीं है. महतो की बात लोगों को दिग्भ्रमित करती है. मुझे आम जाति को वोट मिल रहा है. पिछली बार भी मिला था और इस बार भी मिलेगा.

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सवालः बाहरी-भीतरी की फीलिंग की बात होती है ?
जवाबः मैं कभी बाहरी-भीतरी की बात नहीं करता. झारखंड का जो मामला है. राज्यहित के लिए जो वाजिब चीज है, आदिवासी और मूलवासी की बात होती है. इसमें बाहरी भीतरी की क्या बात है. यब बात तो सभी की है. देश स्तर पर डोमिसाइल की बात होती है. किस मैटर पर बाहरी और भीतरी की बात होती है.

सवालः बाहर से जो लोग आकर रह रहे हैं, जेएमएम उसे मुद्दा बनाती है ?
जवाबः बाहरी और भीतरी का मुद्दा कुछ है ही नहीं. ये चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश है. मैं किसी तरह का भेदभाव नहीं करता. यदि किसी बाहर के आदमी के साथ दुर्घटना घटती है, तो जगरनाथ महतो उसे उठा कर अस्पताल तक पहुंचाने का काम करता है. गोद में उठा कर उसे ले जाता हूं.

सवालः 2014 में जगरनाथ महतो मोदी लहर में रवींद्र पांडेय से 35000 वोट से हार जाते हैं, 2019 में कितने वोट से जीतेंगे ?
जवाबः अनुमान नहीं किया जा सकता है. इतने वोट से जीतूंगा कि कोई गिन नहीं पाएगा. लोगों का अभी तक का यही रुझान है.

सवालः सबसे बड़ी समस्या लोकसभा में क्या रखेंगे ?
जवाबः जो भी समस्या होगा, देश का, प्रदेश का, क्षेत्र का वो सभी समस्याओं को लोकसभा में रखने का काम करूंगा. जेएमएम का अपना चुनावी एजेंडा भी है. उस एजेंडे पर काम होगा.

सवालः महतो वोट दो जगह बंट रहा है ?
जवाबः अभी कैसे कह सकते हैं कि महतो वोट दो जगहों पर बंट रहा है. कास्ट से कोई मतलब ही नहीं है. अगर कास्ट की बात होती है, तो चंद्रप्रकाश चौधरी रामगढ़ के हैं और मैं गिरिडीह का हूं. अगर वो महतो का कद्दावर नेता था तो उसे हजारीबाग में खड़ा होना चाहिए था. हजारीबाग से वो खड़े भी हुए, लेकिन जनता ने उसे नकार दिया.

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सवालः रवींद्र पांडेय अगर खड़े होते हैं, तो आपके लिए कितनी बड़ी चुनौती होगी ?

जवाबः जब वो खड़े हो जाएंगे, तो सोचा जाएगा. अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. अब खड़े होंगे कि नहीं इस बारे में उनसे पूछना चाहिए. मुझे क्या पता खड़े होंगे या नहीं. वो खड़े होंगे या नहीं इस बारे में मेरा कोई राजनीतिक आंकलन नहीं है. अभी वो मैदान में आए भी नहीं हैं. मैं उनके बारे कुछ नहीं बोलूंगा. मैदान में होते तो बात करते उनके बारे में.

सवालः चंद्रप्रकाश चौधरी को क्या संदेश देना चाहेंगे ?
जवाबः चंद्रप्रकाश चौधरी को यही कहना चाहेंगे कि फिर से वो वापस रामगढ़ चले जाएंगे. उनके लिए गिरिडीह में कोई जगह नहीं है. रामगढ़ उन्हें हर हाल में वापस जाना पड़ेगा. यही संदेश आदरणीय मंत्री जी को देना चाहते हैं. आपसे एक सवाल करता हूं. एमपी के पास ज्यादा पावर होता है या एक मंत्री के पास. जब वो एक पावरफुल मंत्री होकर भी कुछ नहीं कर पाए. 15 साल मंत्री रहे. झारखंड को बर्बाद कर दिए. आज वो कहते हैं कि एमपी बन कर विकास करेंगे. जो मंत्री बनकर नहीं कर सका विकास भला वो एमपी बनकर कैसे विकास की बात कर सकता है. उनका भाषण सुनिएगा सिर्फ मोदी जी के बारे बोलते हैं. अपना उनके पास कुछ है ही नहीं. मोदी जी के नाम अपना बेड़ा पार करना चाहते हैं. मोदी जी ने अपना चुनावी एजेंडा पूरा किया क्या. 15 लाख दिया क्या. बेरोजगारी खत्म हुई क्या. महंगाई रुकी क्या.

सवालः जगरनाथ महतो को अगर जनता वोट करती है, तो वो वोट राहुल गांधी के पास जाता है. चंद्रप्रकाश चौधरी को जनता वोट करती है, तो वो वोट मोदी जी के पास जाता है. इससे कोई फर्क पड़ता है क्या ?
जवाबः राहुल जी अभी तक यूपीए की तरफ से प्रधानमंत्री के कैंडिडेट नहीं हैं. चेहरा होने से क्या होता है. जबतक पार्टी की तरफ से नाम घोषित नहीं होता है, हम कैसे कह सकते हैं. सर्वे की रिपोर्ट है बहुमत आने वाली है. यह तय है कि यूपीए का प्रधानमंत्री होगा. कौन होगा यह बहुमत आने के बाद बता दिया जाएगा.

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