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News Wing Impact:  कारोबारी से भिड़ंत के मामले में रेल अधिकारियों के एक्शन में आने पर टाटानगर स्टेशन में अवैध वसूली में आयी कमी, यात्रियों को मिली राहत

Jamshedpur : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर पटना के एक जाने-माने कारोबारी से भिड़ना आरपीएफ अधिकारी को मंहगा तो पड़ा ही, मामले के तूल पकड़ने के बाद जब रेलवे के आला अधिकारी एक्शन में आए तो स्टेशन में यात्रियों से अवैध वसूली के मामले में कमी की बात भी सामने आने लगी है. यह कहना है टाटानगर रेलवे स्टेशन की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने वालों का. इसमें आसपास के दुकानदार समेत विभाग से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं. वे दबी-जुबान ही सही, इस बात को मानने से इंकार नहीं कर रहे हैं कि घटना से आहत कारोबारी धनंजय यादव का रेलवे बोर्ड से लेकर पीएमओ तक मामले में शिकायत भरा ट्वीट करना यात्रियों के लिए आखिरकार राहत देनेवाला साबित हुआ.
यह है मामला
बीते गुरुवार की सुबह कारोबारी धनंजय यादव दक्षिण बिहार एक्सप्रेस ट्रेन से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर उतरे थे. उनके साथ बैग के अलावा अन्य सामान भी था. वे प्लेटफॉर्म पर उतरकर बाहर निकलने के लिए आगे बढ़े ही थे, तभी उन्हें टीटीई और सिविल ड्रेस में खड़े एक व्यक्ति ने खुद को आरपीएफ अधिकारी बताते हुए रोका लिया. सिविल ड्रेस में खड़े व्यक्ति ने बैग खोलने के साथ अन्य सामानों को भी निकालकर दिखाने की बात कही. इसका कारोबारी ने विरोध किया तो सिविल ड्रेस में खड़े अधिकारी उनसे भिड़ गये. उन्हें डराने-धमकाते हुए दुर्व्यवहार पर उतर आया. उसी बीच सिविल ड्रेस में कुछ अन्य लोग भी वहां आ धमके. उन्होंने भी खुद को आरपीएफ से जुड़ा बताया. कारोबारी के मुताबिक उन्होंने उन लोगों को बताना चाहा कि वह सभ्य कारोबारी हैं. उनका निरंतर रेलवे के अधिकारियों से सही व्यवहार भी बना रहता है लेकिन सिविल ड्रेस वाले उस अधिकारी ने उनकी एक नहीं सुनी. उसने खुद को इंचार्ज बताते हुए कारोबारी पर दबाव बनाने लगा. आखिरकार उसने कारोबारी का बैग खोलनेवाले के अलावा अन्य सामानों को चेक करके ही दम लिया. नहीं मि‍ला था कोई आपत्ति‍जनक समान
उसके बाद भी कारोबारी के पास से किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, उसके बाद भी वह अधिकारी उन्हें भला-बुरा कहने से बाज नहीं आया. इस दौरान भी सिविल ड्रेस में आये अधिकारी व अन्य लोगों से काफी तीखी बहस हुई. उसके बाद कारोबारी को स्टेशन से बाहर जाने दिया गया. उससे पहले कारोबरी ने उस अधिकारी से पहचान पत्र दिखाने का भी आग्रह किया था ताकि वे इत्मीनान हो सकें कि सिविल ड्रेस पहने खड़ा वह व्यक्ति सचमुच आरपीएफ अधिकारी ही है. उससे वह अधिकारी कारोबारी पर इस कदर भड़का कि वह दंग रह गये. उसके बाद ही सारा मामला हुआ. इस मामले की आरंभिक जांच में रेलवे ने गलती माने हुए उस आरपीएफ अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा था. यहां तक कि उस अधिकारी को आरपीएफ डीआइजी ने कोलकाता भी तलब किया था. आगे मामले की जांच की जा रही है. हालांकि, उस घटना का असर अभी से ही रेलवे स्टेशन पर दिखने लगा है.

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