Ranchi: राज्य सरकार ने 28 जनवरी को 2018 के एसओआर (Schedule of Rate, अनुसूचित दर) के तहत निकाले गये सभी टेंडरों को रद्द कर दिया था. साथ ही नये एसओआर के बनने तक किसी तरह के टेंडर निकाले जाने पर रोक लगा दी गयी थी. लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि जिला स्तर पर पुराने ही एसओआर के आधार पर टेंडर निकाले जा रहे थे.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चतरा, बोकारो, साहेबगंज और बोकारो में टेंडर निकाले गये. काम भी आवंटित किया गया. मीडिया में खबर आने के बाद अब विभाग और जिला स्तर पर टेंडर रद्द करने की बात कही जा रही है. अब ऐसा ही एक मामला रांची नगर निगम में देखने को मिल रहा है.
रांची नगर निगम की तरफ से शहर के सिवरेज ड्रेनेज को लेकर करीब 209 करोड़ का टेंडर निकाला गया है. एसओआर 2018 के रद्द किये जाने के बाद यह टेंडर दूसरी बार निकाला गया है. यह टेंडर पहले 20 मई को निकाली गयी थी. लेकिन किसी कंपनी की तरफ से आगे नहीं आने की सूरत में इसे रद्द कर दिया गया था. अब सात सितंबर को एक बार फिर से यह टेंडर निकाला गया है.
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टेंडर की जानकारी नहीं हैः सचिव
इस मामले पर न्यूज विंग ने नगर विकास विभाग के सचिव विनय चौबे से बात की. उन्होंने कहा कि शायद यह रिटेंडर है. वैसे मामले की पूरी जानकारी नहीं है. जानकारी होने के बाद ही इसपर कई बात कर पाऊंगा.
विवादों में घिरा रहता है रांची का सिवरेज सिस्टम
रांची शहर का सिवरेज और ड्रेनेज सिस्टम शुरुआत से ही विवादित रहा है. पूर्व मंत्री सरयू समेत बीजेपी के राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार भी कई बार सिवरेज ड्रेनेज को लेकर सवाल उठा चुके हैं. सरयू राय ने रांची से सिवरेज ड्रेनेज सिस्टम पर एक किताब ही लिख दी है.
इससे पहले भी जिस कंपनी को सिवरेज ड्रेनेज सिस्टम का काम मिला था. उससे काम पूरा होने से पहले ही वापस ले लिया गया. बचे काम को पूरा करने के लिए विभाग की तरफ से टेंडर निकाला जा रहा है. लेकिन इस बार भी एसओआर की वजह से काम पूरा हो जाए, ऐसा नहीं कहा जा सकता. कुल मिलाकर सिवरेज ड्रेनेज सिस्टम के दुरुस्त नहीं होने का खामियाजा रांची के लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
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