
Ranchi : राज्य सरकार एक ओर एम्स सहित सभी सरकारी हॉस्पिटल और स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करने में लगी है. पानी की तरह पैसा भी बहाया जा रहा है. लेकिन डॉक्टर कहां से आयेंगे इसका स्पष्ट जवाब सरकार और स्वास्थय विभाग के पास ही है. कई बार स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी घोषणा भी कर चुके हैं कि 745 डॉक्टरों की नियुक्ति की अधियाचना जेपीएससी को भेजी गई है. लेकिन यह अब तक लंबित है. सबसे दयनीय स्थित आयुष चिकित्सा की है. पिछले 17 साल में आयुष डॉक्टरों के पद स्थाई रुप से नहीं भरे गए हैं. पूरे राज्य में सिर्फ एक ही महाविद्यालय है. राज्य के अस्पतालों में कुल 662 आयुष चिकित्सकों के पद सृजित हैं. इसमें सिर्फ 95 डॉक्टर ही कार्यरत हैं. कुल 567 पद खाली है. वह भी रिटायरमेंट के करीब हैं.
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डॉक्टरों की कमी के कारण 18 औषधालयों में लटक गया ताला
डॉक्टरों की कमी और दवा के अभाव की वजह से जिले के 18 आयुष औषधालयों में ताला लटक गया है. जिले के सभी छह प्रखंड में 20 होमियोपैथी, आयुर्वेद व यूनानी औषधालय स्थित हैं. लेकिन इसमें से दो केंद्रों पर फिलहाल एक-एक चिकित्सक कार्यरत हैं. जबकि अधिकतर केंद्रों के बंद रहने से लोगों को होम्योपैथी, आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति का लाभ नहीं मिल रहा है.
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केंद्र का अनुपालन नहीं करती है राज्य सरकार
डॉक्टरों की उम्रसीमा के मामले में राज्य सरकार केंद्र का भी अनुपालन नहीं कर रही है. केंद्र सरकार की आयुर्वेद, योगा, नेचुरोपैथी, युनानी, सिध्द, और होम्योपैथी मंत्रालय ने 24 नवंबर 2017 को ही आदेश जारी करते हुए आयुष डॉक्टरों की उम्र सीमा 60 से बढाकर 65 करने की मंजूरी दे दी. लेकिन राज्य सरकार इस मामले में टालमटौल का रवैया अपनाये हुए है. वहीं बिहार में केंद्रीय योजनाओं में आयुष चिकित्सकों व दवाओं को जनता के बीच पहुंचाने के कार्यक्रम से सरकार आयुष डॉक्टर्स को रोजगार मुहैया करा रही है. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य के हर एपीएचसी व पीएचसी में आयुष चिकित्सकों की तैनाती हो रही है. बिहार सरकार लोगों की आयुष चिकित्सा के प्रति रुचि को देखते हुए इनका इस्तेमाल करना चाहती है.
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विधायक भी लिख चुके हैं सीएम को पत्र
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने झारखंड सरकार में कार्यरत आयुष चिकित्सकों के रिटायरमेंट की आयु 65 साल करने की मांग की है. इस संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है. पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा इस चिकित्सा पद्धति पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गयी है. पत्र में बिहार सरकार दवारा बढ़ाए गए उम्र सीमा का भी जिक्र किया है.
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आयुष चिकित्सक परामर्शदात्री कमेटी के अध्यक्ष सह भाजपा विधायक डॉ जीतू चरण राम ने कहा कि आयुष चिकित्सकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है. 15 सितंबर को बैठककर उम्र सीमा बढ़ाने को लेकर बातचीत करेंगे.




