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#NagalandPeaceAccord: आखिरी दौर में शांति समझौते की बातचीत, उत्तर-पूर्वी राज्य में कश्मीर वाले हालात

Kohima: नागालैंड और मणिपुर में हालात जम्मू-कश्मीर वाले नजर आ रहे हैं. दोनों राज्य इन दिनों हाई अलर्ट पर हैं. सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है. इतना ही नहीं इन राज्यों में भी राशन और ईंधन स्टॉक किया जा रहा है. कुछ वैसे ही जैसे अनुच्छेद 370 हटने से पहले कश्मीर के हालात थे.

दरअसल, नागालैंड शांति समझौते पर केंद्र सरकार और NSCN (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड) के बीच बातचीत अपने आखिरी चरण पर है. इसे देखते हुए नागालैंड और मणिपुर को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

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माना जा रहा है कि अधिकारियों को आशंका है कि इस शांति समझौता के नतीजे से कुछ गुटों में नाराजगी पैदा हो सकती है. शुक्रवार को नागालैंड के डीजीपी टी जॉन लॉन्गकुमर ने कहा कि करीब 60 साल से अटके इस नागा शांति समझौते पर दस्तखत किया जाना सबसे ज्यादा मुश्किल काम हो सकता है.

दो महीने का राशन, ईंधन का स्टॉक

डीजीपी जॉन ने बताया कि किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सशस्त्र पुलिस की सात रिजर्व बटैलियन को स्टैंडबाइ पर रखा गया है. इतना ही नहीं दो महीने का राशन और ईंधन भी जमा कर लिया गया है.

वहीं मणिपुर के उखरूल जिले में प्रशासन ने सिविल सप्लाइ डिपार्टमेंट से सभी जरूरी सामान जमा करने को कहा है. ताकि किसी तरह के प्रतिकूल हालात होने पर सप्लाइ में बाधा न हो. गौरतलब है कि उखरूल में ही NSCN (IM) के महासचिव थुइंगलैंग मुइवाह का जन्म हुआ था.

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अनिश्चितताओं के बीच छुट्टियां कैंसल

गौरतलब है कि NSCN (IM) की पहली मांग यह है कि ऐसे सभी क्षेत्रों का एकीकरण किया जाए जहां नागा आबादी रहती है. और नागालैंड के बाहर मणिपुर में सबसे ज्यादा नागा आबादी रहती है. लेकिन मणिपुर हमेशा इस एकीकरण के खिलाफ रहा है. इसे देखते हुए यहां पुलिस प्रशासन ने इंफाल वेस्ट जिले के सभी कर्मियों की छुट्टियां कैंसल कर दी है. नागालैंड में फैली अनिश्चितता को लेकर डीजीपी जॉन का कहना है कि शांति समझौते के फैसले से कुछ गुट सहमत हो सकते हैं, और कुछ नहीं.

राष्ट्रीय नागा ध्वज की मांग

कई सिविल सोसाइटी आर्गनाइजेशन और स्टूडेंट यूनियन्स पहले से ही बातचीत से बाहर रखे जाने पर नाराज है. इसे लेकर नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने बुधवार को पीएम मोदी को एक ज्ञापन भी दिया है जिसमें एक नागा राष्ट्रीय ध्वज के जरिए नागा पहचान को अस्तित्व दिए जाने की मांग की गई है.

केंद्र सरकार और NSCN (IM) के बीच हुई बातचीत के आखिरी चरण में अलग झंडे और संविधान को लेकर गतिरोध खत्म नहीं किया जा सका. हालांकि, दोनों पक्ष इस पर दोबारा बातचीत के लिए तैयार हैं.
बता दें कि पीएम मोदी ने इंटरलॉक्यूटर और नागालैंड के राज्यपाल आर.एन. रवि के लिए शांति समझौते पर पहुंचने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की है.

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