
Ranchi: आएपीएस अफसर एमवी राव ने झारखंड के डीजीपी पद का प्रभार मंगलवार को ले लिया. पद प्रभार लेने के बाद उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कहा कि हमारे कार्यकाल में अगर आपलोंगो को अनियमितता दिखती है तो इसकी शिकायत करें. साथ ही अगर मेरे काम में किसी भी तरह की सुधार की जरूरत है तो मुझे जरूर बतायें.
पारदर्शी व्यवस्था देने पर होगा हर प्रयास
एमवी राव ने कहा कि झारखंड पुलिस में जो अच्छे कार्य कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करेंगे. जितनी भी शिकायतें मिलेंगी उनपर त्वरित कार्रवाई की जायेगी. नागिरक सेवा में गुणात्मक सुधार, शिकायतों पर उचित और त्वरित कार्रवाई होगी. प्रदेश के जिलों की समस्या को देखते हुए एक्शन लिया जाएगा और उसके लिए रणनीति बनेगी. वहीं पुलिस जवानों के लिविंग स्टैंडर्ड को बढ़ाने की कोशिश की जायेगी. चाहे वो काम करने की जगह हो या फिर उनके रहने की सबको ठीक किया जायेगा.
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिलनेवाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. महिला बच्चों बुजुर्ग और कमजोर तबके को लेकर संवेदनशील रहेंगे. साथ ही जितने भी पेंडिंग केसेज हैं उनपर खास ध्यान दिया जायेगा. जनता को पारदर्शी व्यवस्था देने को लेकर हर संभव प्रयास होगा.
CM हेमंत सोरेन से की शिष्टाचार मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को ही झारखंड के नवनियुक्त डीजीपी एमवी राव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार मुलाकात की. 9 महीने तक झारखंड के डीजीपी रहे केएन चाैबे का सोमवार को दिल्ली तबादला हाे गया. जिसके बाद 18 महीने बाद रिटायर हाेनेवाले एमवी राव काे डीजीपी का दायित्व मिला है.

झारखंड कैडर के 1987 बैच के आइपीएस अफसर एमवी राव काे अपने ही वेतनमान में प्रभार दिया गया है. उनकी पदस्थापना हाेमगार्ड महानिदेशक सह महासमादेष्टा गृह रक्षावाहिनी व अग्निशमन सेवा में भी बनी रहेगी. वहीं 1986 बैच के आइपीएस अफसर व डीजीपी केएन चाैबे काे विशेष कार्य पदाधिकारी, पुलिस आधुनिकीकरण कैंप नयी दिल्ली भेजा गया है.
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बीबी प्रधान के बाद होमगार्ड के डीजी बने थे एमवी राव
बीबी प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद एमवी राव होमगार्ड के डीजी बने थे.14 मई 2019 को 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी एमवी राव डीजी रैंक में प्रोन्नत हो गये थे.इसके साथ ही उन्हें डीजी होमगार्ड के पद पर पदस्थापित किया गया था. श्री राव दिल्ली स्थित झारखंड भवन में स्थानिक आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे.
राव तेज-तर्रार आइपीएस माने जाते हैं
एमवी राव झारखंड कैडर के आइपीएस हैं. श्री राव तेज-तर्रार आइपीएस माने जाते हैं. लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में रहने के बाद वर्ष 2017 में वह झारखंड लौटे थे. तब सरकार ने उनका तबादला सीआइडी में एडीजी के पद पर किया था.जिस वक्त उन्हें सीआइडी में पदस्थापित किया गया, उस वक्त सीआइडी में कई बड़े मामले जांच के लिये लंबित थे.

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उन्होंने सभी मामलों की जांच में तेजी लायी. जिसमें बकोरिया कांड भी शामिल था. बकोरिया कांड में तेजी लाने की वजह से वह विभाग के ही सीनियर अफसरों के निशाने पर आ गये. खास कर डीजीपी डीके पांडेय के निशाने पर एमवी राव ने सरकार के समक्ष पूरे मामले की जानकारी रखी. लेकिन सरकार ने उनका तबादला दिल्ली कर दिया. जिसके बाद श्री राव ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों को एक पत्र लिखा. जिसमें उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी. साथ ही बताया कि कैसे डीजीपी डीके पांडेय ने उन्हें बकोरिया कांड की जांच को धीमा करने के लिये कहा था.
राज्य के तत्कालीन डीजीपी डीके पांडेय ने एमवी राव से यह भी कहा था कि न्यायालय के किसी आदेश से चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन श्री राव ने डीजीपी के इस मौखिक निर्देश का विरोध करते हुए जांच की गति सुस्त करने, साक्ष्यों को मिटाने और फर्जी साक्ष्य बनाने से इनकार कर दिया था. उनके तबादले के बाद सीआइडी ने बकोरिया कांड में फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दायर किया. जिसके बाद हाइकोर्ट ने मामले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया था.
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