
Ranchi : प्रदेश भाजपा के अनुसार केंद्र सरकार कोरोना संकट के समय बिना किसी भेदभाव के राज्य सरकार की मदद कर रही है. प्रशासनिक विफलता के कारण राज्य सरकार सवालों के घेरे में है.
प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के अनुसार सीएम हेमंत सोरेन केंद्र सरकार पर असहयोग का आरोप लगाकर अपनी नाकामी छिपा रही है.
केंद्र सरकार ने लॉक्ड डाउन के प्रारंभ में ही कोरोना संकट से निबटने के लिये 284 करोड़ की सहायता राशि दे दी थी. इसके अतिरिक्त राज्य के पास केंद्र से प्राप्त 5000 करोड़ का डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फण्ड भी है.
केंद्र ने कोरोना के निदान के लिये इसे खर्च करने की अनुमति दे दी है. सरकार के पास पैसे का कोई अभाव नहीं है. राज्य सरकार को इस फंड का उपयोग कोरोना आपदा में करना चाहिए.
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गरीबों के बीच तीन माह के राशन वितरण में आ रही समस्या
प्रदेश भाजपा के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को तीन माह का अतिरिक्त राशन उपलब्ध करा दिया गया है. इसके बावजूद भी गरीबों के बीच इसका वितरण ठीक से नहीं हो रहा है.
सीएम सहित पूरा प्रशासन रांची के एक मुहल्ले तक सिमट गया है. सरकारी लापरवाही से रांची से लेकर बोकारो और अन्य जिलों तक कोरोना हॉटस्पॉट बन चुका है.
लॉकडाउन में सिसई में आदिवासी समुदाय पर हमला करके एक युवक की ह्त्या कर दी गयी. बैंकों से पैसे निकाल रहे लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग लागू कराना राज्य सरकार का काम है, केंद्र का नहीं.
बोकारो के अस्पताल में कोरोना मरीज के कारण संक्रमण में वृद्धि के लिये भी ये सरकार दोषी है. बिहार ने लाखों मजदूरों के खातों में पैसे पहुंचा दिये हैं. झारखंड अबतक योजना भी नहीं बना पाया है.
पश्चिम बंगाल के बॉर्डर से लोगों का झारखंड में आना-जाना जारी है. राज्य सरकार इसे रोक नहीं पा रही है. प्रवासी मजदूरों के समुचित आंकड़े भी सरकार के पास नहीं हैं.
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