
New Delhi: गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने और वीआइपी सुरक्षा में व्यापक कटौती लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने अब एनएसजी कमांडो को इस काम से पूरी तरह मुक्त करने का फैसला किया है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है.
करीब दो दशक बाद ऐसा होगा कि आतंकवाद निरोधी विशिष्ट बल के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो को वीआइपी सुरक्षा ड्यूटी से हटाया जायेगा. इस बल का जब 1984 में गठन हुआ था तब इसके मूल कामों में वीआइपी सुरक्षा शामिल नहीं थीं.
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13 वीआइपी को सुरक्षा देते हैं ये कमांडो
यह बल ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त 13 ‘उच्च जोखिम’ वाले वीआईपी को सुरक्षा देता है. इस सुरक्षा घेरे में अत्याधुनिक हथियारों से लैस करीब दो दर्जन कमांडो हर वीआईपी के साथ होते हैं.
सुरक्षा संस्था के अधिकारियों ने पीटीआइ को बताया कि एनएसजी की सुरक्षा ड्यूटी को जल्द ही अर्धसैनिक बलों को सौंप दिया जायेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी एनएसजी ही सुरक्षा प्रदान करता है.
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इन नेताओं को मिली है सुरक्षा
एनएसजी की सुरक्षा, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, मुलायम सिंह यादव, चंद्रबाबू नायडू, प्रकाश सिंह बादल, फारुक अब्दुल्ला, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री एल के आडवाणी को भी मिली हुई है.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का मत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को अपना ध्यान मूल काम, आतंकवाद को रोकना, विमान अपहरण के खिलाफ अभियान पर केंद्रित करना चाहिए और वीआइपी सुरक्षा के काम की जिम्मेदारी उसकी सीमित व विशिष्ट क्षमताओं पर ‘बोझ’ साबित हो रहा था.
सुरक्षा संस्था के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एनएसजी को आतंकवाद निरोधी और विमान अपहरण विरोधी अपने मूल दायित्वों को देखने के जरूरत है. इस कदम के पीछे यही कारण है.”
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