
Ghatshila: स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सभागार में आयोजित दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सेमिनार का समापन सोमवार को हुआ. सेमिनार में कोविड के बाद उच्च शिक्षा की चुनौती व बदलाव विषय पर शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे. कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति गंगाधर पांडा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की.
बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे गंगाधर पांडा का कॉलेज प्रबंधन ने भव्य स्वागत किया . मुख्य अतिथि गंगाधर पांडा, बिहार के मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल विश्वविद्यालय के डीन डॉ प्रसून दत्त सिंह, कॉलेज के चेयरमैन सुब्रोत विश्वास ने स्वामी विवेकानंद के चित्र के समीप संयुक्त रूप से दीपप्रज्वलित कर सेमिनार के समापन की घोषणा की. इस मौके पर कोविड के बाद उच्च शिक्षा की चुनौती व तकनीकी शिक्षा पर शिक्षाविदों द्वारा लिखी गयी पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि कुलपति गंगाधर पांडा व अतिथियों द्वारा किया गया. सेमिनार में दक्षिण कोरिया के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विकास कोली दे, बंगाल से आए प्रोफेसर विश्वजीत सेन, जयंत मेटे, डॉ कल्याणी कबीर, कॉलेज के चेयरमैन सुब्रोत विश्वास, प्रभारी प्रचार्ज अभिषेक नाग व अन्य ने अपने विचार साझा किये.
कोविड ने सिखायी तकनीकी शिक्षा: कुलपति
डॉ गंगाधर पांडा ने कहा कि कोविड के कारण देश आर्थिक संकट से गुजरा है. कोविड से पूरा विश्व त्रस्त था. लेकिन कोविड के बाद ही हम सभी तकनीकी शिक्षा का लाभ व महत्व जान पाए. कोविड ने ही तकनीकी शिक्षा सिखायी है. वर्तमान समय में उच्च शिक्षा चुनौती भरा है. यह अत्यंत प्रासांगिक विषय है, इस पर चर्चा होनी चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में तकनीकी शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है. कोविड के बाद उच्च शिक्षा के मुद्दे व चुनौती से भागना नहीं है, बल्कि उसका मुकाबला करना है. सेमिनार को डॉ प्रसून दत्त सिंह, डॉ विकास कोली दे, डॉ कल्याणी कबीर समेत कई शिक्षाविदों ने संबोधित किया.
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