
Ranchi: रांची पुलिस के हत्थे चढ़ा बनारस के कुख्यात अपराधी रवि पटेल को डर था कि उत्तर प्रदेश की पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे की तरह उसका भी एनकाउंटर कर सकती है. पुलिस की इस तरह की योजना की भनक उसे मिली थी. इसके बाद ही वह बनारस छोड़कर रांची को ठिकाना बनाया था. रांची पुलिस के समक्ष रवि पटेल ने ही यह खुलासा किया है.
रवि पटेल ने बताया है कि योगी सरकार में अपराधियों के एनकाउंटर से दहशत का माहौल हो गया था. वह रांची में रहकर आर्म्स सप्लाई कर रहा था. जमीन के कारोबार में भी संलिप्त था. पूछताछ में उसने हथियार सप्लायरों के नामों का भी खुलासा किया है.
वह रांची के अलावा अलग-अलग जिलों तक अवैध हथियारों की स्पलाई कर रहा था. इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने खेलगांव थाना क्षेत्र के खटंगा से दबोच लिया. रवि पटेल बनारस के कोतवाली थाना क्षेत्र के नवापुरा मोहल्ले का रहने वाला है. बनारस पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी.
पुलिस टीम ने रवि पटेल को पनाह देने वाले जमीन कारोबारी देव कुमार उर्फ पप्पू को भी गिरफ्तार किया है. देव कुमार को भी रवि ने पिस्टल दे रखा था. पप्पू रांची के खटंगा में रहता है. शातिर अपराधी रवि के खिलाफ बनारस के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी समेत 18 मामले दर्ज हैं.
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रवि पटेल गाजीपुर से हैदर टाइगर से हथियार खरीदकर रांची लाता था. इसके बाद उसे धनबाद के अपराधी तारक नारायण सिंह उर्फ राहुल को देता था. राहुल हथियार की बिक्री करने के बाद मुनाफा का पैसे रवि को भी देता था. उसने पुलिस को बताया है कि राहुल से 2013 में धनबाद जेल में उसकी दोस्ती हुई थी. धनबाद के व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी की हत्या के मामले में राहुल जेल में बंद था. उसी साल उसे भी धनबाद जेल में ट्रांसफर किया गया था. जेल से छूटने के बाद 2015 में वह कुछ दिन धनबाद में ही रहा. इसके बाद वह बनारस वापस लौट गया.
इसी दौरान जेल से छूटने के बाद राहुल ने उससे संपर्क किया. हथियार सप्लाई करने का उसने उसे प्रस्ताव दिया. लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपराधी तारक ने उसे 60 हजार रुपए में दो पिस्टल मंगवाया.
अवैध हथियार सप्लायर गाजीपुर निवासी हैदर टाइगर उसने दो पिस्टल खरीदा और राहुल को रांची में दिया. इसके बाद रवि ने फिर 90 हजार रुपये देकर तीन पिस्टल मंगवाए. रवि ने तीन पिस्टल गाजीपुर से लाकर आरोपित तारक को दिया. फिर 90 हजार देकर पांच पिस्टल मंगवाया. जिसमें से तीन पिस्टल दिया और दो को अपने पास ही रख लिया. पुलिस अन्य जगहों पर भी हथियार तस्करी का पता लगा रही है.
अपराधी रवि ने बताया कि वह मार्च 2020 में खटंगा निवासी देव कुमार के मकान में किराए पर रहने लगा. इसी दौरान लॉकडाउन हो गया और वह रांची में ही फंस गया. पैसे की तंगी होने के साथ ही वह जमीन के धंधे में देव कुमार के साथ कूद गया. आरोपी देव ने उसे यह कहा था कि जमीन के धंधे में विवाद होता है. इसलिए वह उसके साथ रहे. इस एवज में उसे मुनाफा भी दिया जाएगा। पैसे की लालच में वह उसके साथ जमीन का कारोबार करने लगा. कई अन्य जमीन कारोबारियों से भी सांठगांठ की जानकारी पुलिस को मिली है. सभी का पता लगाया जा रहा है.




